- निवर्तमान सपा जिला उपाध्यक्ष ने राजनीतिक भविष्य को खतरा देख झूठा फंसाने का लगाया आरोप,
- एमपी-एमएलए कोर्ट/ सीजेएम डॉ. देवेंद्र सिंह फौजदार की अदालत में सुनवाई 20 अप्रैल को
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम अहमद ने पूर्व विधायक आबिद रजा, उनके प्रतिनिधि और ईओ सहित सात लोगों के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट/ सीजेएम डॉ. देवेंद्र सिंह फौजदार की अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है।
सदर कोतवाली के मोहल्ला नाहर खां सराय निवासी मोहम्मद सलीम अहमद ने पूर्व विधायक आबिद रजा, उनके प्रतिनिधि अजहर हुसैन, नगर पालिका परिषद के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी विजय प्रताप सरल और चार प्रधानों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा स्पेशल जज एमपी एमएलए/सीजेएम कोर्ट में दायर किया है।
सलीम अहमद का आरोप है कि उनके सामाजिक कार्यों को देखते हुए पूर्व विधायक आबिद रजा को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए खतरा महसूस होने लगा था। इसी के चलते पूर्व विधायक ने उन पर अलग-अलग थानों में झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए। परिवाद में कहा गया है कि आबिद रजा ने तत्कालीन अधिशासी अधिकारी विजय प्रताप सरल की ओर से थाना कोतवाली में इंटरलॉकिंग की ईंटें उखाड़कर ले जाने और ईंटें जमा न करने का सलीम के खिलाफ मुकदमा दायर कराया था। इस मामले में कोर्ट ने सलीम को बरी कर दिया, जबकि सलीम के खिलाफ दर्ज दो मामलों में पुलिस अंतिम आख्या लगाकर मुकदमे समाप्त कर चुकी है। तीन अन्य मुकदमों में भी सलीम को कोर्ट ने बरी कर दिया गया।
सलीम का कहना है कि बरी होने के बाद आहत होकर उन्होंने पूर्व विधायक आबिद रजा, प्रतिनिधि मजहर हुसैन, तत्कालीन ईओ विजय प्रताप सरल, ओमप्रकाश निवासी ग्राम बल्लिया थाना कुंवरगांव, सियाराम निवासी सरकपुर सुभानपुर बिनावर, जसीम मियां निवासी बरी समसपुर थाना बिनावर और नफीसा बेगम पत्नी छोटे निवासी ददमई थाना बिनावर के खिलाफ विशेष न्यायालय एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का परिवाद दायर किया है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई को 20 अप्रैल की तारीख नियत की है।
मुझे इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। मामला अगर कोर्ट में गया है तो वहां अपना पक्ष रखूंगा। न्यायालय से सच सामने आ जाएगा। - आबिद रजा