मुजरिया। थाना क्षेत्र के गांव सबदलपुर के खेतिहर इलाके में बृहस्पतिवार सुबह खेत में लगे कंटीले तार में एक हिरन का शव फंसा मिला। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वन विभाग की टीम खेत मालिक के खिलाफ तहरीर देने की बात कह रही है।
जिले में छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए किसानों ने खेतों में कंटीले तार और झटका करंट की तारबंदी कर रखी है। इसकी चपेट में आने से लगातार संरक्षित पशुओं की मौत हो रही है। बृहस्पतिवार सुबह मुजरिया के गांव सबदलुपर में खेत किनारे कंटीले तार में फंसा हिरन का शव मिला। हिरन का मांस कुत्ते नोंच रहे थे। सुबह टहलने निकलने ग्रामीणों ने हिरन के शव पर कुत्ते मंडराते देखे तो उन्होंने कुत्तों से शव को छुड़ाया। ग्रामीणों ने वन विभाग और मुजरिया पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पर सहसवान रेंज से वन विभाग के कांस्टेबल शशांक और राकेश पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से खेत मालिक की जानकारी की। खेत मालिक उझानी निवासी बताया गया।
खेत के तारों पर कंटीले तार की वीडियोग्राफी की गई। वन विभाग की टीम हिरन के शव को सीलकर अपने साथ ले गई। इससे पहले भी दो जनवरी को इस्लामनगर क्षेत्र में कंटीले तारों में फंसकर काले हिरन की मौत हो गई थी। वहीं, मुजरिया के कोल्हाई की नर्सरी में हिरन के शव को दबाने का मामले सामने आया था। लगातार कंटीले तार में फंसकर हिरनों की मौत के मामले सामने आ रहे है, लेकिन वन विभाग एवं जिला प्रशासन की तरफ से प्रतिबंधित कंटीले तारों की बिक्री पर रोक नहीं लगाई जा रही है। इन जानलेवा तारों की चपेट में पशु ही नहीं बल्कि कई राहगीर भी आ चुके है। संवाद