इस साल जिले में 62 हजार विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में सम्मलित हो रहे हैं, जो गत वर्ष से लगभग चार विद्यार्थी अधिक हैं।
शासन यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन कराने के लिए हर साल नए तरीके इजाद करता है, बावजूद इसके नकल माफिया कोई ना कोई रास्ता निकाल लेते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक बीना यादव ने बताया कि इस साल हाईस्कूल-इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में करीब 62 हजार विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। गत वर्ष 58 हजार विद्यार्थियों ने 100 केंद्रों पर परीक्षा दी थी, इस साल चार हजार विद्यार्थियों के बढने के कारण केंद्रों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इस साल पूरे जिले में 105 परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। इन सभी केंद्रों और परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की पूरी जानकारी 23 नवंबर तक एनआईसी पर अपलोड कर दी जाएगी।
डीआईओएस ने बताया कि एनआईसी पर अपलोड हुई जानकारी के बाद कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। एनआईसी पर जानकारी अपलोड होने के बाद अखबारों में आपत्ति के लिए विज्ञापन दिया जाएगा। यदि किसी भी विद्यालय को केंद्र बनाए जाने पर आपत्ति होगी, तो उससे पूरी जानकारी ली जाएगी। जांच के बाद यदि लगता है कि केंद्र को हटाना चाहिए, इसका फैसला समिति लेगी।
सहूलियत के साथ सेटिंग की भी आशंका
बदायूं। जानकारों की मानें तो एनआईसी पर बोर्ड परीक्षा संबधि पूरी जानकारी अपलोड होने से जहां विद्यालयों और विद्यार्थियों को सहूलियत होगी, वहीं नकल माफिया को भी लाभ मिल सकता है। आशंका है कि पहले से केंद्रों की जानकारी होने पर नकल माफिया उस केंद्र पर जाकर अपनी सेटिंग कर सकते हैं। प्रशासन किस तरह नकल माफिया से निपटेगा? ये तो आने वाले समय में पता चलेगा।
प्रधानाचार्यों के नजदीक बने कक्षों में होगी परीक्षा
बदायूं। कई केंद्रों पर हर साल देखने में आता था कि हाईस्कूल-इंटरमीडिएट में प्रमुख विषयों के पेपर में बच्चों को परीक्षा केंद्र के ऊपरी मंजिल पर बने कक्षों में बैठाया जाता था। जिससे नकल की आशंका रहती थी, लेकिन अब प्रधानाचार्यों के कक्ष के नजदीक बने कक्ष में परीक्षा दिलानी होगी। ये व्यवस्था इसी वर्ष से लागू की जाएगी।