डॉक्टरों की मनमानी पर नकेल को शासन का फरमान
काम न करने वाले डॉक्टरों के वेतन आहरण पर लगेगी रोक
सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं की बेहतरी के लिए शासन ने डॉक्टरों की मनमानी पर रोक के लिए डेली डायरी और
ओपीडी रजिस्टर को लेकर सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं। डेली डायरी और ओपीडी रजिस्टर में खेल करने वाले डॉक्टरों के वेतन आहरण पर रोक लगेगी। डेली डायरी में खेल करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की मनमानी पर रोक के लिए शासन ने वर्ष 2013 में डॉक्टरों के लिए डेली डायरी की व्यवस्था की थी। इसमें डॉक्टरों को अपने रोज के काम का विवरण लिखना था। प्रत्येक महीने डेली डायरी के आधार पर ही डॉक्टरों के वेतन बिल बनाने का प्रावधान है। तमाम डॉक्टर डेली डायरी और ओपीडी रजिस्टर में खेल करते हैं। इसके बावजूद उनका वेतन आहरण हो जाता है। शासन के संज्ञान में यह मामला आने के बाद सख्ती की गई है। नई व्यवस्था के तहत की है। इसके तह डॉक्टरों को प्रत्येक माह में दो बाद अपनी डेली डायरी की रिपोर्ट संबंधित नियंत्रक प्राधिकारी को देनी होगी। अगर कोई डॉक्टर ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कदाचार और सरकारी सेवक नियमावनी 1999 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इतना ही नहीं डेली डायरी और ओपीडी मेंटेन न होने के बाद भी अगर किसी डॉक्टर के वेतन बिल बनाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ वित्तिय अनियमितताओं के आरोपी में कार्रवाई की जाएगी। शासन को आशा है कि नए नियम लागू होने से सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर ड्यूटी में मनमानी नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में आदेश मुख्य सचिव की ओर से सभी उप निदेशक स्वास्थ्य और सीएमओ को आदेश जारी कर दिया गया है।
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डेली डायरी के संबंध में शासनादेश मिला है। सभी डॉक्टर को इस संबंध में बता दिया गया है। जो डॉक्टर डेली डायरी और ओपीडी रजिस्टर मेंटेन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. नरेंद्र कुमार, सीएमओ