एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ पकड़ा
सोमवार दोपहर प्रेमपाल सिंह और ऋषिपाल सिंह दहगवां पुलिस चौकी पहुंचे थे। इससे पहले प्रेमपाल ने एंटी करप्शन टीम को सूचना दे दी थी। उनके पहुंचने से पहले एंटी करप्शन टीम प्रभारी इश्त्याक वारसी ने अपनी टीम के साथ घेराबंदी कर दी। जैसे ही प्रेमपाल सिंह ने चौकी इंचार्ज को रुपये दिए, तभी एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज और दलाल को गिरफ्तार कर लिया।
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दोनों को शहर कोतवाली लाया गया, जहां उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के सीओ यशपाल सिंह ने इसका प्रेसनोट भी जारी किया है। इधर, शाम को एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित करते हुए मामले की विभागीय जांच सीओ सहसवान कर्मवीर सिंह को सौंपी है।
ये था मामला
ग्राम समसपुर कूबरी निवासी बिजेंद्र सिंह ने प्रेमपाल और ग्राम प्रधान के भाई प्रदीप यादव के खिलाफ मारपीट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। बिजेंद्र का कहना था कि गांव के कुछ लोगों ने कई छुट्टा पशुओं को घेरकर प्राइमरी स्कूल में बंद कर दिया था। इसकी सूचना पर वह भी उन्हें देखने गया था। जब वह पशुओं की वीडियो बना रहा था, तभी प्रेमपाल और प्रदीप ने उसके साथ मारपीट की थी। यह मामला 20 जनवरी का था लेकिन पुलिस ने 26 जनवरी को एफआईआर दर्ज की थी।
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि एंटी करप्शन टीम ने दहगवां के चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। इस मामले में चौकी इंचार्ज समेत दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच भी कराई जाएगी। सीओ सहसवान को जांच सौंपी गई है।