आपदा राहत के प्रभारी एडीएम वित्त ने दिए किसानों को निर्देश
सूखा का 46. 26 करोड़, अतिवृष्टि में 93.15 करोड़ के बांटे गए थे चेक
प्राकृतिक आपदा के लिए जिले में करोड़ों रुपये की राशि किसानों को बांटी गई है। यहां बता दें कि तमाम किसान चेक भुना नहीं सके हैं। तीन महीने के लिए यह धनराशि अप्रैल में डाली गई थी। जून में तीन महीने पूरे हो रहे हैं। इसलिए आपदा राहत के प्रभारी/एडीएम वित्त आरपी यादव ने सभी तहसीलों को और किसानों को संदेश दिया है कि अगर 30 जून तक चेक नहीं भुनाए गए तो फिर चेक का धन नहीं मिलेगा। सरकार भी बचा हुआ धन वापस मंगा लेगी।
इस वर्ष प्राकृतिक आपदा की मार झेल चुके किसानों को सूखा में 46 करोड़, 26 लाख, 18 हजार, 885 और अतिवृष्टि से नुकसान में 93 करोड़, 15 लाख, 83 हजार रुपये तहसीलदारों के खातों में भेजे गए थे। इस धन में से पीड़ित किसानों को चेक काट दिए गए। अप्रैल में राहत और आपदा के चेक किसानों को बंटवाए गए थे। माना जा रहा है कि बड़ी तादाद में किसानों ने चेक नहीं भुनाए हैं। इसने को आपदा प्रबंधन प्रभारी ने चेताया है कि अगले आठ दिनों में किसान अपने चेक भुना लें। साफ तौर पर चेताया भी गया है कि अगर धनराशि नहीं निकाली तो 30 जून के बाद उन्हें राहत राशि से वंचित होना पड़ेगा। सरकार यह राशि वापस मंगा लेगी।