बदायूं में साइबर अपराधियों ने खुद को ट्रेजरी कार्यालय का कर्मचारी बताकर एक महिला के खाते से 13 लाख रुपये पार कर दिए। महिला को कॉल करके उसके खाते और एटीएम कार्ड की जानकारी की। शक होने पर महिला ने अपना खाता और एटीएम कार्ड ही बंद करा दिया, लेकिन जब दूसरा कार्ड शुरू कराया तो पता चला कि उसके खाते से रकम उड़ा दी।
सिविल लाइंस क्षेत्र में आवास विकास कॉलोनी निवासी मुन्नी देवी पत्नी सूरजपाल की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक एक सितंबर को उनके बेटे अभिषेक सिंह के मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को ट्रेजरी कार्यालय का कर्मचारी बताया था। वह पेंशन आदि की जानकारी मांग रहा था। इससे उन्हें कुछ शक हुआ। वह तुरंत नेकपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक पहुंचीं। उन्होंने बैंक मैनेजर से मिलकर अपना खाता और एटीएम कार्ड बंद करा दिया।
इसके बाद 19 अक्तूबर को दूसरा एटीएम कार्ड मिल गया। वह उसी दिन अपना एटीएम कार्ड शुरू कराने के लिए एटीएम पहुंचीं। तब उन्हें पता चला कि उनके खाते से 13 लाख, 59 हजार, पांच सौ रुपये निकाल लिए गए। वह इसकी शिकायत करने बैंक गईं तो शाखा प्रबंधक ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। मुन्नी देवी ने सिविल लाइंस पुलिस को तहरीर दी है। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कॉल करके मांगा खाता नंबर, 39 हजार निकाले
बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव अन्नी निवासी दुर्गेश पुत्र रामपाल के खाते से भी 39 हजार रुपये निकाल लिए। दुर्गेश ने बताया कि उसके नंबर पर एक कॉल आई थी। उसने खाता नंबर मांगा था, जब उसने कारण पूछा तो उसने फायदा पहुंचाने की बात कही। उसने खुद को उसका दोस्त बताया। बाद में उसने 39 हजार, 498 हजार रुपये उसके खाते से निकाल लिए। बाद में उसने जमा करने की भी बात कही, लेकिन अब उसका नंबर ही बंद हो गया। दुर्गेश ने मोबाइल नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई है। संवाद
साइबर ठगों से ऐसे बचें
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- ई-चालान का मेसेज आए तो यातायात पुलिस के कार्यालय में संपर्क करें।
- अपना पासवर्ड और खाता नंबर गोपनीय रखें।
- अपने मोबाइल नंबर और जन्मतिथि को पासवर्ड न बनाएं।
- किसी के कहने पर एनीडेस्क एप डाउनलोड करने से बचें।
- ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
साइबर ठगों से निपटने के लिए प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क है। लोग अपना पासवर्ड, पिनकोड और खाता नंबर किसी को न बताएं। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ठगी होने पर 1930 नंबर पर कॉल करें।
-डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी