फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इलाज नहीं, बीमारियां बांट रहा जिला अस्पताल

Fri, 23 Sep 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
विज्ञापन
गंदगी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
सफाई कर्मियों की हड़ताल, अस्पताल में नारकीय माहौल
जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर, सड़ रहा मेडिकल वेस्ट 
 बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना जाने वाला जिला अस्पताल अब संक्रामक बीमारियां बांटने लगा है। ओपीडी में रोज 1400-1600 मरीज पहुंच रहे हैं। इस बीच ठेका कर्मचारियों की हड़ताल ने स्थिति को ज्यादा बदतर कर दिया है। अस्पताल में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियां बजबजा रही हैं। जगह-जगह मेडिकल वेस्ट सड़ रहा है। 
जिला अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का ठेका लखनऊ की एक कंपनी को दिया गया है। ठेका शर्तों और मानक के अनुसार यहां 42 सफाई कर्मचारियों की तैनाती होनी थी। ठेकेदार ने 22 सफाई कर्मचारी ही लगाए। यह सफाई कर्मचारी 20 सितंबर से हड़ताल पर हैं। आरोप है कि ठेकेदार उनका शोषण कर रहा है। प्रत्येक सफाई कर्मचारी को 6500 रुपये मेहनताना मिलना चाहिए, लेकिन ठेकेदार उनको 3500 रुपये ही दे रहा है। तीन दिन से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने अस्पताल में स्थिति बदतर कर दी है। मेडिकल वेस्ट, गंदगी के ढेरों और जल भराव से आ रही बदबू मरीजों को परेशान कर रही है। इससे संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन



ओपीडी में मरीजों की भीड़, डॉक्टर नदारद
बदायूं। संक्रामक रोगों के सीजन में जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। ओपीडी में डॉक्टरों के न बैठने की वजह से लोगों को परेशानियां हो रही हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जिला अस्पताल में तीन फीजिशियन की पोस्टिंग है। इसके बावजूद कभी-कभार एक ही फिजीशियन नजर आता है। ऐसे में दूर दराज से आने वाले ग्रामीणों को डॉक्टर न मिलने की वजह से मायूस होना पड़ता है। 


मरीजों के वार्ड में आराम फरमाते हैं कुत्ते
बदायूं। जिला अस्पताल प्रशासन के नकारापन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भारी-भरकम स्टाफ होने के बावजूद अस्पताल में मरीजों के वार्डों में कुत्तों को आराम फरमाते हुए देखा जा सकता है। वार्डों के अंदर साफ-सफाई अस्पताल स्टाफ की जिम्मेदारी होती है। यहां भी आला दर्जे की लापरवाही की जाती है। तमाम वार्डों में भी मेडिकल वेस्ट के ढेर लगे हुए देखे जा सकते हैं। 
विज्ञापन



ठेका पर रखे गए सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से समस्या है। इस बारे में ठेकेदार को बताया गया है। सफाई कर्मचारियों और ठेकेदार के बीच चल रहा विवाद निपटाने का प्रयास किया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का निपटारा कराया जाएगा।
-अशोक कुमार गुप्ता, सीएमएस
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें