बदायूं। नवरात्र के छठे दिन शहर के मंदिरों में काफी भीड़ उमड़ी। नगला मंदिर में जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं को लाइन में लगकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी वहीं बिरुआबाड़ी मंदिर, हरप्रसाद मंदिर, गौरीशंकर मंदिर, देवी मठिया मंदिर आदि में भी श्रद्धालुओं ने पूजा की।
शारदीय नवरात्र के छठे दिन आदिशक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के छठे स्वरूप देवी कात्यायनी की पूजा की गई। जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। कहा जाता है कि कात्यायन ऋषि ने तप करके देवी से वरदान मांगा था कि वह पुत्री के रूप में उनके कुल मेें जन्म लें। देवी ने ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर पुत्री रूप में जन्म लिया। उनकी आराधना करने से व्यक्ति की मनोकामना सिद्ध होती है। दूर-दराज से मां के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं ने नारियल व चुनरी चढ़ाकर मातारानी से कुशलता की कामना की। मंदिरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस भी तैनात की गई है।
कला साधिका समिति के तत्वावधान में बही भक्ति कीर्तन की बयार
बदायूं। संस्कारों को समर्पित संस्था संस्कार भारती की महिला शाखा कला साधिका समिति के तत्वावधान में कीर्तन का आयोजन पंजाबी चौक स्थित शारदा बबेजा के निवास पर किया गया। प्रांतीय सह मातृ प्रमुख डॉ. प्रतिभा मिश्रा के निर्देशन में कार्यक्रम का शुभारंभ माता रानी की वंदना से किया गया। सीमा शर्मा व डॉ. प्रतिभा मिश्रा ने माता के विभिन्न स्वरूपों के बारे में बताया। नगर अध्यक्ष डॉ. उमा सिंह गौर ने ‘तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये’ भजन सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। शारदा बबेजा, मीनू, रीना सिंह, डॉ. सरला चक्रवर्ती, डॉ. गार्गी बुलबुल एवं डॉ शुभ्रा माहेश्वरी, पूजा सपड़ा ने भी माता रानी के भजन गाकर उन्हें याद किया।