बदायूं। कोरोना के कारण सभी कार्यों पर ब्रेक लग गए थे, कुछ बंदिशें अभी भी लागू हैं। मेलों के आयोजन पर रोक है, ऐसे में प्राचीन ककोड़ा मेले पर भी संशय के बादल हैं। सोमवार को विकास भवन में हुई जिला पंचायत की बैठक में निर्णय लिया गया कि पुरानी परंपरा को निभाते हुए मेले में झंडी पूजन का कार्य किया जाएगा, जबकि मेला लगाने का निर्णय शासन पर छोड़ दिया गया है। बैठक में इसके अलावा भी कुछ अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।
जिला पंचायत के द्वारा मौजूदा समय में चल रहे कार्यों पर खर्च होने वाली धनराशि 3492.13 लाख रुपये व आगामी वर्ष 2021-2022 में खर्च होने वाले 5301.20 लाख रुपये की धनराशि को सर्वसम्मति से पारित किया गया। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 15 वें वित्त आयोग से प्राप्त टाइड ग्रांट की धनराशि होने वालों कामों को सदस्यों ने अनुमोदन दिया। वहीं सदन में कादरचौक में लगने वाले मेला ककोड़ा (मिनी कुंभ) को लगाए जाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक शासन की ओर से मेला लगाए जाने के लिए कोई अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में मेला लगाए जाने के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। इसी बीच एक सदस्य ने प्रस्ताव रखा कि अगर अंतिम समय में अगर शासन ने मेला लगाने के लिए अनुमति दे दी, तो अचानक मेला लगना मुश्किल है। ऐसे में परंपरा टूट सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए परंपरा का निर्वहन करते हुए झंडी पूजन का कार्यक्रम कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए कराया जाए, साथ ही अन्य व्यवस्थाओं की भी तैयारी रखी जाए। इस पर सभी सदस्यों ने सहमति जाहिर की।
किसरुआ में लगेगी शहीद की मूर्ति
बैठक में ब्लॉक जगत के गांव किसरुआ में शहीद सैनिक शिवराज सिंह यादव की मूर्ति की स्थापना करने पर सर्वसम्मति से अनुमति दी गई। वहीं जनहित को ध्यान में रखते हुए खेड़ा नवादा पर नाला निर्माण पर होने वाले व्यय के अनुमोदन को भी सदन में रखा गया। कोविड-19 में डॉ. शकील अहमद द्वारा अपनी सेवाएं देने के लिए उनको शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता, आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप, सांसद संघमित्रा मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति सागर, शिक्षक एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, विधायक आरके शर्मा, कुशाग्र सागर, सीडीओ निशा अनंत, एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया आदि मौजूद रहे।
अगर शासन की तरफ से अंतिम समय में मेले ककोड़ा को लगाने की अनुमति मिलती है, तो जिला पंचायत की ओर से रास्ता, गंगा में बैरिकेडिंग, हैंडपंप, सड़क पर लाइट आदि लगवाई जा सकती है, ताकि आने जाने वाले श्रद्घालुओं को परेशानी न हो।
सत्यपाल, एएमए, जिला पंचायत