बदायूं। बिल्सी के पुसगवां में चल रहे वेद महोत्सव के समापन में सांसद संघमित्रा मौर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती 1857 की क्रांति के सूर्य थे। ऋषि दयानंद ने वेदों का भाष्य किया, इसी कारण कई क्रांतिवीर पैदा हुए। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक आचार्य प्रणव शास्त्री ने कहा कि संसार का उपकार करना दूसरों के बारे में अच्छा सोचना राष्ट्र भावना की सोच रखना यही संसार का सबसे बड़ा धर्म है। मानव जीवन पाकर यदि दूसरों की भलाई नहीं की तो यह जीवन व्यर्थ है। ईश्वर ने यह मानव जो चोला दिया है वह बड़ा अनमोल है। बरेली के पं. जितेंद्र आर्य ने कहा धर्म की ध्वजा जिस ने थाम ली वह चोला महामानव कहलाता है। इस दौरान जिलाध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा सीमा राठौर, जितेंद्र कुमार, करण सिंह, विजेंद्र सिंह, रश्मि, प्रभा, सरोज नरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ईश प्रिय ने किया। संवाद