बदायूं। बुधवार को वजीरगंज और सहसवान समेत कई कई स्थानों पर बुराई के प्रतीक दशानन का पुतला दहन किया गया। इस दौरान रामलीला का मंचन भी जारी रहा। इन स्थानों पर लगे मेलों में लोगों की काफी भीड़ उमड़ी। इस दौरान आतिशबाजी का भी प्रदर्शन किया गया। जिसे देखने लोग अपने परिवार के साथ मेले में पहुंचे।
वजीरगंज। नगर में श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में दसवें दिन कुंभकरण, अहिरावण व रावण वध का मंचन किया गया। बाद में श्रीराम द्वारा रावण के पुतले पर छोड़े गए तीर से निकली आग से बुराई का प्रतीक रावण का पुतला धू-धूकर आतिशबाजी के बीच जल उठा। इससे पहले राम और रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया गया। मंचन के दौरान कई बाण लगने के बाद भी जब रावण नहीं मरता है तो विभीषण की मदद से राम रावण की नाभि में तीर मारते हैं और राम के हाथों रावण का अंत हो जाता है। इस मौके पर यहां लगे मेला का उद्घाटन थानाध्यक्ष प्रदीप यादव व बिसौली इंस्पेक्टर पंकज लवानिया ने किया। कमेटी के अध्यक्ष राहुल वार्ष्णेय, विमलेश गुप्ता, पवन किशोर, रवि वार्ष्णेय, अरुण शेखर, गौरव, दीपक, नरेश, ओमकार आदि उपस्थित रहे।
सहसवान। नगर में चल रहे श्री रामलीला महोत्सव का रावण वध और राम के राज्याभिषेक के साथ समापन हुआ। वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा राम रावण युद्ध का जीवंत अभिनय किया गया। इसके बाद प्रमोद संस्कृत महाविद्यालय के मैदान में रावण के पुतले का दहन किया गया। पूरा वातावरण जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा। इस दौरान आसमान में रंग बिरंगी आतिशबाजी देखने के लिए हजारों की भीड़ जुटी। इसके बाद भगवान राम का राज्याभिषेक का कार्यक्रम चला। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष तनुज माहेश्वरी, महामंत्री विक्रम सक्सेना, सुदीप सक्सेना, शिव प्रकाश सक्सेना, पंकज सोमानी, डॉ. कैलाश चंद्र गुप्ता, अनुज माहेश्वरी, नितीश अग्रवाल, अनुपम सक्सेना आदि मौजूद रहे। कमेटी और गणमान्य लोेगों द्वारा बरात में शामिल काली अखाड़ों, झांकियों और कलाकारों को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर पुरस्कृत भी किया गया।