गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुन झूम उठे श्रद्धालुु
गुलड़िया। गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन शास्त्री सुदेश कुमार ने श्रोताओं को गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई। कथावाचक ने कहा कि इंद्रदेव को अपने आप पर घमंड होने के कारण भगवान श्री कृष्ण ने वृंदावन और गोकुल नगरी के सभी लोगों से इंद्र देव की पूजा न करने को कहा। तब इंद्रदेव बौखला गए। घमंड में आकर उन्होंने घनघोर बारिश की शुरू कर दी। जिससे जनता त्राहि-त्राहि करने लगी। सब लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण की शरण में जाकर प्रार्थना की। भगवान कृष्ण ने कनिष्ठा पर विशाल गोवर्धन पर्वत को उठाकर सबकी रक्षा की। यह देख इंद्रदेव का घमंड चूर-चूर हो गया। तब से सभी लोग गोवर्धन की भी पूजा करते हैं। कथा सुनने वालों में राजकुमारी, जगदीश सिंह, वेदपाल, नेतराम, पूरनलाल सैनी, नाथू लाल सैनी आदि मौजूद रहे।