बदायूं। बदायूं क्लब परिसर में चल रही सात दिवसीय शिवपुराण कथा में शुक्रवार को कथावाचक आचार्य शशिकांत वशिष्ठ ने सनातन धर्म के प्रमुख पांच देवों और पांच महामंत्रों के विषय में गूढ़ रहस्य समझाते हुए कहा कि आज सनातनी धर्मावलंबी भक्तों को यह ज्ञान है कि सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं, जबकि ऐसा कहीं भी वर्णन नहीं है। यह 33 करोड़ शब्द नहीं हैं बल्कि 33 कोटि शब्द है और कोटि शब्द का शुद्ध अर्थ श्रेणी अथवा प्रकार होता है। जैसे उच्च कोटि, परम कोटि। अत: इस सनातन धर्म में 33 कोटि अर्थात 33 श्रेणी या प्रकार के देवी-देवता हैं।
आचार्य वशिष्ठ ने कहा कि सनातन धर्म के प्रमुखत: पांच देवी-देवता सूर्य, गणेश, भगवती, शिव और विष्णु भगवान हैं। शेष सभी 33 कोटि देवी-देवता इन्हीं पांच देवी-देवता के ही अंशावतारी हुए हैं। कथा सुनने के लिए रोजाना ही श्रद्धालु्ओं की भीड़ बढ़ रही है। कथा का आयोजन 22 सितंबर तक होगा। इस मौके पर अशोक कुमार गोस्वामी, राधा गोस्वामी, रामाशंकर शर्मा, नरेश शंखधार, सुरेंद्र दीक्षित, मुकेश रस्तोगी, अरुण गुप्ता, संत कुमार गुप्ता, राहुल चौबे, सुमित, डॉ.अक्षत अशेष आदि मौजूद थे।