उझानी मे ट्रेन के समय रेलवे फाटक पर खड़ी बरेली के कांवड़ियों की टोली। संवाद
बदायूं। कछला घाट से लेकर आसपास के मार्गों पर देर रात तक कांवड़ियों की आवाजाही बनी रही। कछला में कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से घाट और आसपास के मार्गों का नजारा बदल गया। भगवा वस्त्र पहने शिवभक्तों के जत्थे दिखाई दिए।
कोई पैदल तो कोई वाहनों से कछला पहुंचा था। गंगाजल भरने के बाद कांवड़ियों ने जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। अंतिम सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए अधिकांश शिवभक्त रविवार रात ही कछला पहुंच गए थे। संवाद
ट्रेन के समय फाटक बंद होने पर थमे कांवड़ियों के कदम
उझानी। कछला गंगाघाट से शिव मंदिरों के लिए निकलीं कांवड़ियों की टोलियों में महिलाओं के साथ बच्चे भी नजर आए। बरेली में भुता के कांवड़ियों की टोली कछला से हाईवे के रास्ते सुबह में करीब सात बजे छतुइया रेल फाटक पर पहुंची तो उन्हें कासगंज-लालकुआं पैसेंजर ट्रेन के आने के समय की वजह से फाटक बंद मिला।
डाक कांवड़ में शामिल भोले के भक्त फाटक पार कर गए, लेकिन बाइक सवार कांवड़ियों को फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ा। ट्रेन के समय कांवड़ियों को रविवार शाम सात बजे से रात में पांच-छह बार फाटक बंद होने से यात्रा की रफ्तार पर ब्रेक लगाना पड़ा। बता दें कि कांवड़ यात्रा का बरेली-मथुरा हाईवे ही मुख्य रूट रहा। इसी रूट पर पूर्वोत्तर रेलवे की कासगंज-बरेली ब्रॉडगेज लाइन है। संवाद
उझानी मे ट्रेन के समय रेलवे फाटक पर खड़ी बरेली के कांवड़ियों की टोली। संवाद
उझानी मे ट्रेन के समय रेलवे फाटक पर खड़ी बरेली के कांवड़ियों की टोली। संवाद