उझानी। बिजनौर में सड़क हादसे में सैनिक ओम सिंह गुर्जर की मौत के बाद शव उनके पैतृक गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। दिल्ली और बरेली से पहुंचे सैन्य कर्मियों की मौजूदगी में गुर्जर का अंतिम संस्कार किया गया। पिता ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। सैनिकों ने सम्मान दिया। इस दौरान भारत माता के जयकारे भी गूंज उठे।
दिल्ली में तैनात सैनिक ओम सिंह गुर्जर (28 वर्षीय) कोतवाली क्षेत्र के गांव मल्लामई निवासी पूर्व सैनिक वीरपाल के बेटे थे। पोस्टमॉर्टम के बाद उनका शव शुक्रवार रात घर पहुंचा। शनिवार सुबह करीब 10 बजे गांव में उनकी पैतृक भूमि पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार से पहले बरेली और दिल्ली से पहुंचे सैन्य कर्मियों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य और सपा के जिलाध्यक्ष आशीष यादव समेत इलाके के प्रमुख लोगों ने उनके शव पर पुष्प अर्पित किए। पिता वीरपाल ने मुखाग्नि से पहले बेटे के सम्मान में सैल्यूट किया। अंतिम संस्कार के समय एक हजार से अधिक लोग जुटे। उनकी भी आंखें भर आईं। इस दौरान सैनिक का डेढ़ वर्षीय बेटा प्रत्युश अपने दादा की गोद में रहा।
दोस्त की शादी की खातिर बढ़वाई थी पांच दिन की छुट्टी
- सैनिक ओम सिंह गुर्जर 25 नवंबर को छुट्टी लेकर घर आए थे। घर आकर उन्होंने बिजनौर जिले के निवासी पुलिस कर्मी दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए पांच दिन की छुट्टी बढ़वा ली थी। इसके बाद उन्हें 10 दिसंबर को ड्यूटी पर लौटना था। बृहस्पतिवार रात बिजनौर जाते समय स्योहरा थाना क्षेत्र में समसपुर के पास उनकी कार से गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली भिड़ गई थी। कार में उनके अलावा फुफेरे भाई नितेश, नितेश के भाई बंटू और दोस्त रोहित भी सवार थे।
ओम सिंह की दो संतान में मासूम हैं दोनों बच्चे
- सैनिक ओम सिंह अपने दो भाइयों में सबसे बड़े थे। छोटे भाई अभिषेक पढ़ाई करते हैं। उनकी दो संतान में तीन साल की बेटी गुड़िया और डेढ़ साल का बेटा प्रत्युश है। पिता वीरपाल ने बताया कि ओम सिंह की मां का पहले ही निधन हो चुका है। पत्नी पूनम बदहवास हैं। पिता वीरपाल वर्ष 2015 में सेना से सेवानिवृत हो चुके हैं।
ओम सिंह गुर्जर की फाइल फोटो।