स्याही और दो हजार के नियम शुरू होते ही छंटने लगी भीड़
हजार और पांच सौ रुपये के नोट बदलने के लिए बैंक शाखाओं के बाहर होने वाली भीड़ अब छंटना शुरू हो गई है। इसका कारण बैंक शाखाओं में रुपये एक्सचेंज करने और निकालने वालों के हाथ पर स्याही लगने और दो हजार रुपये ही निकालने का नियम बताया जा रहा है। इससे जरूरतमंद लोगों को खासी राहत मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आठ नवंबर को हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद करने के घोषणा के बाद 10 नवंबर को खुली बैंक शाखाओं में रोजाना भारी भीड़ उमड़ रही थी। तब से लेकर 17 नवंबर तक बैंक शाखाओं में तमाम लोगों की भारी भीड़ रुपये एक्सचेंज करने और लेनदेन करने वालों की थी। इसमें सर्वाधिक भीड़ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा में उमड़ रही थी। इसे लेकर परेशान लोग प्रतिक्रिया भी व्यक्त कर रहे थे। इसी बीच केंद्र सरकार ने एक बार में रकम निकालने की सीमा घटाकर दो हजार कर दी और स्याही लगाना अनिवार्य कर दिया।
शुक्रवार को स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में नोट एक्सचेंज करने और निकासी करने वालों के हाथों पर स्याही लगना शुरू हो गई। इससे दोपहर दो बजे तक स्टेट बैंक में लगने वाली लाइन बिल्कुल समाप्त हो गई। बैंक परिसर में चंद लोग ही बचे। पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में भी रोजाना से कम भीड़ रही। यूको बैंक और केनरा बैंक ने जमा करने के साथ रुपये एक्सचेंज किए, जिससे लोगों को खासी राहत मिली।
बैंक ऑफ इंडिया, सिंडीकेट बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी सहित अन्य बैंक शाखाओं ने अपने ग्राहकों के नोट प्राथमिकता के आधार पर निकाले। नोट बदलने वालों के हाथों में स्याही लगने से फिलहाल लोगों को राहत नजर आ रही है।
बंद नोट से जमा करें टेलीफोन बिल
बदायूं। बिजली बिल के साथ ही अब टेलीफोन का बिल भी बंद हो चुके हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोट से जमा किया जा सकेगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए टीडीएम बीपी सिंह यादव ने बताया कि दूरसंचार विभाग के बिलिंग काउंटर पर बकाएदार अपना बिल जमा कर सकते हैं। काउंटर पर पुराने हजार और पांच सौ रुपये के नोट स्वीकार किए जाएंगे। इस आदेश से टेलीफोन के बकाया चल रहे बिल जमा होने में तेजी आ जाएगी।