फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उसावां में युवक की  गोली मारकर हत्या

Sat, 30 Apr 2016 12:21 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
विज्ञापन
हत्या - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रंजिशन दिया गया घटना को अंजाम, गांव में रंगशाला देखने गया था नन्हे
विज्ञापन

 उसावां थाने के गांव मिश्रीपुर में गुरुवार रात एक युवक की रंजिशन गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह गांव में रंगशाला देखने गया था। सूचना पर एसपी सिटी अनिल यादव ने मौका मुआयना किया। मृतक के पिता ऋषिपाल यादव ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एक साल पहले नन्हे के भाई सतेंद्र की भी विषाक्त पदार्थ खिलाकर हत्या कर दी गई थी। 
मिश्रीपुर में करीब तीन साल पहले रघुवीर पुत्र निमेंद्र की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में ऋषिपाल यादव के भतीजे अचन सिंह समेत तीन लोगों को नामजद किया गया था। इसके बाद से दोनों पक्षों में रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश के चलते एक साल पहले ऋषिपाल के पुत्र सतेंद्र की विषाक्त पदार्थ खिलाकर हत्या कर दी गई थी। गुरुवार को गांव में सुरेश की बेटी की बारात आई थी। बारात में रंगशाला भी थी। ऋषिपाल का पुत्र जितेंद्र उर्फ नन्हे रंगशाला देखने गया था। रात में करीब 11 बजे दूसरे पक्ष के बलवीर, महावीर और राम निवास ने नन्हे को घेर लिया। उस पर फायरिंग कर दी। एक गोली नन्हे की पीठ में पर लगी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर हथियार लहराते हुए भाग गए। ऋषिपाल ने तीनों हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। 
विज्ञापन

खूनी रंजिश के चलते एक साल में बुझ गए दोनों चिराग
बदायूं। खूनी रंजिश में तीन साल में दो पक्षों में तीन हत्याएं हो गईं। एक साल में दो बेटों की हत्या से बूढ़े बाप ऋषिपाल यादव की कमर टूट गई है। करीब 65 साल के ऋषिपाल दूसरे बेटे की हत्या के बाद बदहवास हैं। बुढ़ापे में कंधों पर बेटी की शादी के साथ पूरे परिवार का बोझ आ गया है। 
ऋषिपाल के दो बेटे सुरेंद्र, जितेंद्र उर्फ नन्हे थे। दोनों की जान खूनी रंजिश में चली गई। दो बेटियों में वह बढ़ी बेटी की शादी कर चुके हैं। छोटे बेटी के लिए रिश्ता तलाश रहे हैं। सतेंद्र की शादी से पहले ही हत्या कर दी गई थी। जितेंद्र उर्फ नन्हे की शादी हो चुकी है। उसके पांच महीने का एक बेटा भी है। जितेंद्र की हत्या के बाद उसकी पत्नी बेगमवती और पिता ऋषिपाल बदहवास हैं। उनको समझ में नहीं आ रहा कि किस तरह से परिवार का पालन-पोषण होगा। हालांकि ऋषिपाल के पास करीब 20 बीघा जमीन है। वह कहते हैं कि बुढ़ापे में खेती-किसानी उनके बस की बात नहीं। ऐसे मेंस्त्रत्त् जवान विधवा बहू और उसहके  पांच माह के बेटे की परवरिश कैसे होगी? बेटी को ब्याहना है, उसके लिए कौन वर तलाशेगा और कैसे शादी होगी? ये सवाल बूढ़े बाप को और असहज किए हुए हैं। दोनों बेटों की मौत के बाद से ऋषिपाल का हौसला टूट गया है। किसी के आने पर उनकी आंखों की कोर से बरबस निकल पड़ते आंसू उनकी वेदना को दर्शा देते हैं। हर कोई उनके दुख से दुखी है। खूनी रंजिश में अपने दो लाल गवां देने का मलाल एक पिता के हृदय में टीस बनाकर चुभ रहा है। 
विज्ञापन

-----
मृतक के पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी को दविश दी जा रही हैं। मामला पुरानी रंजिश का है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-जमीरुल हसन, इंस्पेक्टर उसावां
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें