संपत्ति के लालच में जान लेने का आरोप, चचिया ससुर समेत चार नामजद
सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव सिरसा दबरई में संपत्ति के लालच में ससुरालियों ने एक महिला की हत्या कर दी और शव फांसी के फंदे पर लटका दिया। मृतका के भाई ने उसके चचिया ससुर समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया है। मृतका के पति की बीती 20 जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मूसाझाग थाने के गांव मनकापुर कौंर निवासी भगवान दास ने अपनी बहन मीना (25) की शादी सिविल लाइंस थाने के गांव सिरसा दबरई निवासी पुष्पेंद्र के साथ की थी। 20 जुलाई की रात पुष्पेंद्र अपने साले प्रेमपाल के साथ उसकी ससुराल से लौट रहा था। रास्ते में हमलावरों ने बाइक सवार जीजा-साले पर गोलियां बरसा दी थीं। इससे मीना के पति पुष्पेंद्र (28) पुत्र सुरेश की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि प्रेमपाल घायल हो गया था। मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुष्पेंद्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान था।
सूचना पर गांव पहुंचे मीना के भाई भगवानदास का आरोप है कि मीना का चचिया ससुर मान सिंह चाहता था कि पुष्पेंद्र पुष्पेंद्र की संपत्ति पर उसका कब्जा हो जाए। मीना इसका विरोध कर रही थी। मान सिंह, उसके भाई श्याम लाल, पत्नी कांती और जितेंद्र किसी भी तरह से पुष्पेंद्र की संपत्ति हड़पना चाहते थे। आरोप है कि संपत्ति के लालच में मान सिंह, श्याम लाल, कांती देवी और जितेंद्र ने मीना की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसका शव फांसी के फंदे पर लटका दिया। भगवानदास की तहरीर पर पुलिस ने उक्त चारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
साली की शादी की रंजिश में की गई थी पुष्पेंद्र की हत्या
बदायूं। पुष्पेंद्र की ससुराल दातागंज के गांव कौंर में है। 20 जुलाई को पुष्पेंद्र अपनी ससुराल गया था। यहां से वह अपने साले प्रेमपाल की दातागंज के गांव सिरसा स्थित ससुराल गया। बिनावर थाने के गांव बमियाना के राकेश की ससुराल भी सिरसा में है। प्रेमपाल अपनी साली के लिए रिश्ता तलाश कर रहा था। राकेश उसकी साली की शादी सराय पिपरिया गांव में अपनी रिश्तेदारी में कराना चाहता था। पुष्पेंद्र और प्रेमपाल इससे राजी नहीं थे। इसी रंजिश में पुष्पेेंद्र और प्रेमपाल पर राकेश ने अपने एक साथी के साथ मिलकर 20 जुलाई की रात उस वक्त फायरिंग कर दी जब वह सिरसा से लौट रहे थे। उसकी मौत के बाद परिवार वालों की नजर उसकी संपत्ति पर टिक गई। इसी संपत्ति के लालच में मीना की हत्या कर दी गई।