तीन महीने बाद लखनऊ से हुई थी पीसी की गिरफ्तारी
डीजीसी हत्याकांड में मास्टर माइंड था पीसी शर्मा
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने डीजीसी (क्रिमिनल) साधना शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी पीसी शर्मा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। हत्याकांड में तीन आरोपी अब भी फरार हैं। कुल आठ आरोपियों में चार को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
उझानी के मोहल्ला बाजार कलां निवासी डीजीसी साधना शर्मा की 23 मई को उस वक्त इनोवा कार से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह स्कूटी से उझानी लौट रही थीं। स्कूटी साधना का घरेलू नौकर बिहारी ड्राइव कर रहा था। वह भी घायल हो गया था। साधना की वजह विपर्णा गौड़ ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। हत्याकांड के लेकर पुलिस पशोपेश में थी। विवेचना के दौरान साधना शर्मा की हत्या में नामजदगी फर्जी पाई गई थी।
शक के आधार पर पुलिस ने पीसी शर्मा के रिश्तेदार गिरीश मिश्रा को 26 जून को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया। पता लगा कि पीसी शर्मा ने सुपारी देकर साधना शर्मा की हत्या कराई थी। पुलिस ने गिरीश मिश्रा से पूछताछ के आधार पर गाड़ी मालिक राजू को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सभी परतें खुल गईं। हत्याकांड में शामिल सुपारी किलर मस्ताना, यासीन बाबा, राजू और गिरीश मिश्रा को जेल भेज दिया गया। पीसी शर्मा समेत मुनेंद्र उर्फ पिंटू, इशरत और साजिद उर्फ मोहब्बत फरार चल रहे थे।
पिछले दिनों विपर्णा की गुहार पर आईजी जोन विजय मीणा ने हत्याकांड की जांच बरेली क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी। क्राइम ब्रांच ने लखनऊ पुलिस के सहयोग से 19 अगस्त को पीसी शर्मा के लिए लखनऊ से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब वह नौचंदी एक्सप्रेस से इलाहाबाद से बरेली जा रहा था।
सोमवार को क्राइम ब्रांच ने पीसी शर्मा को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद असलम सिद्दीकी की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने पीसी शर्मा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बाकी फरार चल रहे तीन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट पहले ही धारा 82 की कार्रवाई कर चुका है। सभी के घरों पर पुलिस ने नोटिस भी चस्पा कर दिए हैं।
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लापरवाही पर कोर्ट की क्राइम ब्रांच को फटकार
बदायूं। सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने पीसी शर्मा से बरामद मोबाइल उनके भाई को सुपुर्द कर दिए जाने पर क्राइम ब्रांच की फटकार लगाई। आदेश दिया कि पीसी शर्मा से बरामद सभी चार मोबाइल जब्त कर कोर्ट में पेश किए जाएं। कोर्ट ने यह आदेश साधना शर्मा की बहन विपर्णा की अर्जी पर दिया।
पीसी शर्मा को गिरफ्तार करने के बाद क्राइम ब्रांच ने उसके पास से चार मोबाइल बरामद किए थे। गौर करने वाली बात यह है कि इनमें तीन मोबाइल ही बरामद दर्शाए गए। इतना ही नहीं किस मोबाइल का क्या आईएमईआई नंबर था और उसमें कौन सा सिम चल रहा था यह बात क्राइम ब्रांच ने फर्द में दर्ज ही नहीं की। बरामद मोबाइल भी पीसी शर्मा के भाई के सुपुर्द कर दिए गए। विपर्णा ने आपत्ति जताते हुए कोर्ट में अर्जी दी। सीजेएम ने इस पर सुनवाई के बाद यह क्राइम ब्रांच की चूक माना। क्राइम ब्रांच को आदेश दिया कि सभी चार मोबाइल जब्त कर कोर्ट में दाखिल किए जाएं।