पंजाबी कालोनी में किराए का मकान लेकर रहा कई महीने तक
दिल्ली-गाजियाबाद में ठगी करके जमाया मोरंग का कारोबार
दो दिन पहले गाजियाबाद पुलिस द्वारा करीब सवा करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में पकड़े गए कन्हैया लाल के बारे में कई जानकारियां सामने आई हैं। ठगी की मोटी रकम आईपीएल के सट्टे में बर्बाद होने के बाद परिचित के माध्यम से उसने यहां आकर ठिकाना बना लिया, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लग पाई कि उसने बहुत बड़ा खेल कर डाला है। उसने उत्तराखंड के लोगों से संपर्क बनाकर इलाके में मोरंग (रेत) का थोक का कारोबार भी शुरू कर दिया था।
दिल्ली की प्राइवेट टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी रहा राजस्थान में बीकानेर का निवासी कन्हैया लाल की असलियत सामने आने के बाद लोगों की जुबां पर पूरे दिन उसी का नाम रहा। कन्हैया पंजाबी कालोनी में किराए का मकान लेकर कब से रहने लगा था, यह तो कोई साफ-साफ नहीं बताता, लेकिन सूत्रों की मानें तो उसने अपने परिचित के माध्यम से जो धंधा शुरू किया, उसमें कन्हैया का पार्टनर जरूर मिल गया था। उत्तराखंड के हल्द्वानी और लालकुआं से ट्रकों में मोरंग को थोक में बिकवाने के काम के चलते उसके कई लोगों से अच्छे संपर्क भी बन गए थे। ठग कन्हैया ने एक बड़े सरकारी भवन के निर्माण के लिए मोरंग (रेत) की सप्लाई भी देनी शुरू कर दी थी। वह बदायूं की एक प्राइवेट कंपनी में भी जॉब करने लगा था।
कन्हैया का रहन-सहन भी टॉप क्लॉस व्यापारियों जैसा ही रहा। उसने ठगी की रकम को भले ही आईपीएल के सट्टे में गवां दिया, लेकिन ऐसा भी नहीं कि वह आर्थिक रूप से कमजोर पड़ गया हो। अगर आर्थिक रूप से परेशान होता तो मोरंग का कारोबार भी नहीं कर पाता। इस दौरान उसका ताल्लुक क्रिकेट के सटोरियों से भी बन रहा। बताते हैं कि वह फिर से करोड़पति बनने की ललक में अभी तक क्रिकेट पर मोटे दांव खेलता रहा था। बता दें कि दिल्ली और गाजियाबाद से सवा करोड़ रुपये और ढाई सौ सेलफोन की ठगी के आरोप में गाजियाबाद की सिहानी गेट पुलिस दो दिन पहले कन्हैया को बदायूं से गिरफ्तार कर ले जा चुकी है। कन्हैया पर दिल्ली निवासी मकान मालकिन नीलम सैनी से भी ठगी करने का आरोप है।