सिरसौली में मामा के घर में लटका मिला विपिन का शव
मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट से पता लगी आत्महत्या की वजह
पंद्रह दिन पहले दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा होकर मामा के घर पहुंचे युवक विपिन साहू ने फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी। उसका शव सुबह बरामदे में लोहे के जाल से लटका मिला। मामा समेत परिवार के लोगों ने शव को उतारा। जेब में सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। सूचना के बाद मृतक के घरवाले भी आ गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
ये घटना कोतवाली क्षेत्र के गांव सिरसौली निवासी सूरजपाल का 18 वर्षीय भांजा विपिन साहू अलापुर के गांव नरेश पाल का बेटा था। वह होली से एक दिन पहले मामा के घर आया था। उसका शव मंगलवार तड़के घर के आंगन में लोहे के जाल से लटका देख सूरजपाल के होश फाख्ता हो गए। मामा समेत रिश्तेदारों न शव को फंदे से उतारा। उन्होंने फोन करके गुरगांव से उसके घरवालों को भी बुला लिया। विपिन की पैंट की जेब में मिले सुसाइड नोट को रिश्तेदारों ने पढ़ा, तो उन्हें यह सोचते देर नहीं लगी कि वह मानसिक रूप से परेशान था। नोट में इतना ही लिखा था कि उस पर दिल्ली में झूठा केस लग गया था। तब से वह मानसिक रूप से परेशान था। उसकी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है।
मामा ने बताया कि विपिन दिल्ली में काम करता था। दिल्ली में उस पर कोई क्रिमनल केस लग गया था। उसे तिहाड़ जेल भी जाना पड़ा था। करीब 15 दिन पहले ही वह जमानत पर रिहा होकर आया था, लेकिन वह घर पहुंचने की बजाय सीधे मामा के घर आ गया। उस पर वहां किस मामले में केस दर्ज हुआ और किसने जमानत कराई? इस बारे में मामा और परिवारीजन कोई जानकारी नहीं दे पाए। ग्रामीणों की मानें तो विपिन ने ज्यादातर वक्त मामा के घर पर ही गुजारा था। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। एसएसआई बृजेश यादव ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। दिल्ली में कौन से थाने में किस धारा में केस दर्ज है? इस बारे में कोई जानकारी घरवालों तक को नहीं है।