नजीब की मां और भाई ने सीबीआई जांच के आदेश का किया स्वागत
लापता छात्र के परिवार वालों ने हाईकोर्ट की ली थी शरण
दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस से लापता एमएससी बायो टेक्नोलॉजी के छात्र नजीब के मामले में सीबीआई जांच के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का नजीब के परिवार ने स्वागत किया है। नजीब की मां फातिमा नफीस और भाई मुजीब का कहना है कि कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन उनको संतुष्टि तभी मिलेगी जब नजीब की सकुशल घर वापसी हो जाएगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला वेदोंटोला निवासी नफीस अहमद बढ़ई का काम करते हैं। उनका बेटा नजीब जेएनयू से एमएससी कर रहा है। 15 अक्टूबर को जेएनयू कैंपस के माही-मांडवी हॉस्टल से लापता होने के बाद पूरा परिवार उसे खोजने के लिए इधर-उधर भटकता रहा। मां और भाई ने दिल्ली में डेरा डाल दिया। इधर पिता का व्यवसाय भी ठप सा हो गया। उसे खोजने को लेकर देशभर में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। लेकिन अब तक कोई उसका पता न सका। नजीब के परिवार वाले लगातार दिल्ली पुलिस पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को बचाने का आरोप लगा रहे थे। नजीब मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के लिए परिवार ने कोर्ट की शरण ली थी। फातिमा नफीस का यह भी कहना है कि उनको दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं था। इसी वजह से वह कोर्ट गईं। अब सीबीआई जांच के आदेश के बाद परिवार ने राहत की सांस तो ली लेकिन उनका कहना है कि जांच जल्द पूरी करनी चाहिए। ईमानदारी से पूरे मामले में अगर जांच होती है तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
सीबीआई के साथ मामले में न्यायिक जांच भी हो : मुजीब
नजीब के भाई मुजीब का कहना है कि मामले में सीबीआई के साथ न्यायिक जांच भी होनी चाहिए। उनका कहना है कि भाई के लापता होने का दर्द तो उनका परिवार झेल ही रहा है। साथ ही उनके परिवार ने दिल्ली पुलिस की मनमानी के खिलाफ लंबा संघर्ष किया है।