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ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, आठ  गोवंशीय पशुओं की मौत

Sat, 24 Dec 2016 11:58 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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ट्राली में नीचे भरे थे पशु फिर पुआल और उसके ऊपर भरा था बालू
वन कोटा के पास चालक चलते ट्रैक्टर से कूद कर भागा
 गोवंशीय पशुओं से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली शनिवार सुबह मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर वनकोटा गांव में पास खाई में पलट गया। ट्रॉली से 13 गोवंशीय पशु मिले। इनमें आठ की मौत हो चुकी थी। मामले में पुलिस ने अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 
गोवंशीय पशुओं से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली शनिवार सुबह चंदौसी की ओर जा रहा था। ट्रॉली में पहले तो पशुओं को नशे के इंजेक्शन देकर पैर बांध कर भरा गया था। किसी को शक न हो इसके लिए तस्करों ने पशुओं के ऊपर ट्रॉली में धान का पुआल भरा और सबसे ऊपर एक फीट रेता। ऐसे में मालूम दे रहा था कि ट्रॉली में रेता भरा हुआ है। हाईवे पर गांव वनकोटा के पास ट्रैक्टर के चालक ने देखा कि पीछे पुलिस की जीप आ रही है। हालांकि, पुलिस ने उसे रुकने के लिए नहीं कहा था फिर भी पकड़े जाने के डर से ट्रैक्टर का चालक चलते हुए ट्रैक्टर से कूदकर भाग गया। चलते ट्रैक्टर से कूदकर चालक के भागने पर पुलिस ने उसका पीछा भी किया। इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली खाई में पलट गया। पुलिस ने जब देखा तो सभी दंग रह गए। ट्रॉली में 13 गोवंशीय पशु भरे हुए थे। इनमें आठ की मौत हो चुकी थी। पांच जीवित पशु भी गंभीर हालत में थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 
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चकमा देने को नए-नए तरीके इजाद कर रहे पशु तस्कर
बदायूं। पुलिस को चकमा देने के लिए गोवंशीय पशुओं के तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ट्रॉली से इस तरह गोवंशीय पशुओं की तस्करी का यह पहला मामला सामने आया है। इससे पहले टैंकर, बस और लग्जरी गाड़ियों से पशुओं की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं।
पशु तस्करी का ताजा मामला हैरान करने वाला है। ट्रॉली में पशुओं को इस तरह ले जाया जा रहा था कि आसानी से कोई अंदाजा ही नहीं लगा सके। पशुओं को ट्रॉली में भरने के बाद उनके ऊपर पुआल भरा गया। इसके बाद ट्रॉली में सबसे ऊपर करीब एक फीट बालू भर दी गई। ऐसे में ट्रॉली देखकर अंदाजा ही नहीं लगाया जा सकता था कि उसमें गोवंशीय पशु भरे हो सकते हैं। ट्रॉली से इस तरह गोवंशीय पशुओं की तस्करी का यह मामला मामला है। पुलिस अफसरों का कहना है कि पुलिस बेहद सतर्क है।
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वध को आस-पास ही ले जाए जा रहे थे पशु
वजीरगंज। जिस तरह से गोवंशीय पशुओं को ट्रॉली में भरने के बाद उनके ऊपर पुआल और फिर बालू भरा गया था। उससे साफ है कि पशुओं को वध के लिए कहं आसपास ही ले जाया जा रहा था। यह किसी से छिपा हुआ नहीं है कि वजीरगंज क्षेत्र के गई गांव गोकशी के लिए बदनाम हैं। यहां गोवंशीय पशुओं का वध कर मांस की सप्लाई की जाती है।
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