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लट्ठ लिए दो घंटे हाईवे पर जमे रहे ग्रामीण

Thu, 30 Apr 2015 11:32 PM IST
सिलहरी/बदायूं।
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हादसे में दो लोगों की मौत से गुस्साए ग्रामीण करीब दो घंटे तक लट्ठ लिए हाईवे पर जमे रहे। कई बार पुलिस भी ग्रामीणों के सामने असहाय नजर आई। जब-जब पुलिस ने शवों को हाईवे से हटाकर जाम खुलवाने की कोशिश की ग्रामीण पुलिस पर हमलावर हो गए। ऐसे में कई बार पुलिस के कदम थम गए। हालात को देखते हुए सिविल लाइंस के साथ कोतवाली और कुंवरगांव पुलिस को भी बुला लिया गया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर हादसा पूर्वान्ह करीब 11.30 बजे हुआ। इसकी खबर गांव वालों को मिली तो सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। गनीमत रही कि ट्रक और ट्रक चालक ग्रामीणों के हाथ नहीं लगे। अगर ऐसा होता तो चालक पर हमला और ट्रक में आगजनी हो सकती थी। हादसे के बाद ट्रक चालक ने ट्रक दौड़ा दिया। बाद में ट्रक चालक रास्ते में ट्रक छोड़ कर भाग गया। ट्रक पुलिस के कब्जे में है। मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट विजय बहादुर, एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी आरएस धामा ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश करते रहे, लेकिन ग्रामीण ट्रक वाले को पकड़ कर वहीं लाने की बात पर अड़े रहे। बाद में अधिकारियों ने किसी तरह से हादसे में मरने वाले कमल सिंह और अंकित के परिवार वालों को भरोसे में लिया। इसके बाद जाम खुल सका।

नवादा से पैदल आए तमाम यात्री
सिलहरी। हादसे के बाद दो घंटे तक हाईवे पर जाम के चलते मुरादाबाद से आने वाली बसों में सवार तमाम यात्री नवादा से शहर तक पैदल आए। दोपहर करीब ढ़ाई बजे हाईवे पर यातायात शुरू हो सका।
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शादी के घर में मातमी सन्नाटा
सिलहरी। थान सिंह के घर में पूर्वाह्न तक शादी की खुशियां थीं। हादसे में कमल सिंह और अंकित की मौत की खबर जब घर पर पहुंची तो शादी की खुशियां मातमी सन्नाटे में बदल गईं। थानसिंह के घर पर तमाम रिश्तेदार जुटे थे। महिलाएं चीत्कार मारकर रोने लगीं। गांव में जिसने भी हादसे के बारे में सुना वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा।

रफ्तार ने एक महीने में ली 62 लोगों की जान
बड़े हादसों के नाम रहा अप्रैल का महीना
हादसों में उजड़ गए कई परिवार
बदायूं। रफ्तार लगातार काल मन रही है। अप्रैल का महीना भीषण सड़क हादसों के नाम रहा। हादसों में तीस दिन में 62 लोगों की जान चली गई। कई परिवार उजड़ गए और गई गोदें सूनी हो गईं। चार बड़े हादसों के बाद भी लोगों ने रफ्तार से सबक नहीं लिया।
तीन अप्रैल को कछला-मुजरिया रोड पर हुए सड़क हादसे में छह लोगों की जान चली गई थी। एक अप्रैल को अलापुर और बिसौली में हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हुई। 27 अप्रैल को उझानी रोड पर नौशेरा के पास सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। 30 दिन में जिले का कोई भी ऐसा रोड नहीं बचा जहां हादसों में दो-चार लोगों की जान न गई हो। हादसों के बावजूद रफ्तार पर ब्र्रेक नहीं लग रहा है।
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