बच्चे का शव रखकर हाईवे जाम करने वाले 50 लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इनमें नामजद 13 लोगों में कई सदर विधायक आबिद रजा के करीबी भी शामिल हैं। 30-40 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद हाईवे जाम करने वाले लोगों में हड़कंप है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला ऊपरपारा नई बस्ती निवासी शारिक उर्फ खिल्लू का ढाई साल का बेटा मोहम्मद हमजा 20 सितंबर को घर के पास खेलते हुए लापता हो गया था। शारिक की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। मंगलवार को मोहम्मद हमजा का शव शहर विधायक आबिद रजा की कोठी के पीछे चोक नाले में मिला। मोहम्मद हमजा का शव बरामद होने की खबर पर आबिद रजा की मौके पर पहुंचे थे। यहां उनकी सदर कोतवाल एसपी उपाध्याय से नोकझोक भी हो गई थी। पुलिस ने शव नाले से निकलवाने के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिया था।
पोस्टमार्टम के बाद हमजा के परिवार और मोहल्ले वालों ने शव लालपुल चौकी के पास रखकर बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगा दिया। हाईवे करीब ढाई घंटे तक जाम रहा। बाद में उत्तर प्रदेश श्रम संविदा सलाहकार बोर्ड के चेयरमैन मौलाना डॉ. यासीन उस्मानी और सदर विधायक आबिद रजा के आश्वासन पर जाम खोला। हाईवे जाम करने के मामले में इंस्पेक्टर कोतवाली एसपी उपाध्याय की ओर से 13 नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। नामजदों में राजेंद्र मथुरिया, शहवाज, सिराज, अहमद रजा, सरताज खान, फिरोज, अकरम, नईम, अकरम मिस्त्री, अजमेरी, रफत, हसन और शाकिर शामिल हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इनमें कई सदर विधायक के करीबी हैं।