एक पखवाड़े पूर्व हुई घटना के प्रति पुलिस अचानक सक्रिय
पड़ोसी थाने में ले जाकर एसओजी की टीम कर रही है पूछताछ
एसओजी की टीम बुधवार शाम कोतवाली पहुंची। उसके साथ कोतवाली के दो-तीन सिपाही भी थे। देर रात तक कई स्थानों पर दबिश दी गई। पुलिस सूत्रों की मानें तो एसओजी ने तीन युवकों को उठाया है। उनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि इनमें से एक से कोतवाली पुलिस पहले ही पूछताछ कर चुकी है। दबिश के दौरान हिरासत में लिए गए संदिग्धों को लेकर एसओजी कोतवाली भी पहुंची लेकिन रात में वह उन्हें साथ ले गई। संदिग्धों को पड़ोसी थाने में रखा गया है।
बता दें कि 18 नवंबर की रात अहीरटोला की नई बस्ती में अज्ञात बदमाशों ने भूदेव यादव के घर में डाका डाला था। डकैती के दौरान बदमाशों ने भूदेव की पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू समेत घर में सो रहे उसके दोस्त धर्मपाल उर्फ पुजारी की जमकर पिटाई भी की थी। पिटाई से धर्मपाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। एसएसपी सौमित्र यादव ने घटना के खुलासे के लिए तीन थानों की पुलिस के साथ एसओजी को भी लगाया था। एसओजी के अचानक सक्रिय हो जाने से उम्मीद है कि जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।
शक के दायरे में एक रिश्तेदार
उझानी। डकैती और मर्डर की घटना में पुलिस सूत्रों की मानें तो कई पहलुओं पर तहकीकात की जा रही है। पुलिस ने घुमंतु परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की थी। उनसे कोई नतीजा नहीं निकला तो पुलिस की नजर गृहस्वामी के एक रिश्तेदार पर गई। पुलिस की तहकीकात में वह कुछेक बिंदु के आधार पर शक के दायरे में आ गया है। पुलिस ने उसकी अब तक की गतिविधियों पर भी गौर किया है लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिल पा रहा है।