पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। इस बार इस्लामनगर थाना पुलिस ने वाहनों से जुर्माना वसूली में हेरफेर छिपाने के लिए चालान बुक की फाड़ डाली। मामला एसएसपी के संज्ञान में आया तो उन्होेंने इसकी जांच एसपी देहात को सौंप दी है। एसपी देहात मामले में जांच कर रहे हैं। वह भी इस बात से इंकार नहीं कर रहे कि वसूले गए जुर्माना की रकम में हेरफेर को छिपाने के लिए यह किया गया है।
पुलिस विभाग में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूली का प्रावधान है। इसके लिए एक चालान बुक होती है। पुलिस विभाग में उप निरीक्षक को जुर्माना वसूलने का अधिकार है। जुर्माना वसूली के लिए उप निरीक्षकों को चालान बुक दी जाती है। चालान बुक में उप निरीक्षक दर्ज करता है कि किस वाहन से कितना और किस नियम के उल्लंघन में जुर्माना वसूला गया। यह बुक हर महीने थाने से जांच के लिए एसएसपी ऑफिस आती है।
इस्लामनगर थाने में जुर्माने की रकम में हेरफेर के लिए चालान बुक ही फाड़ दी गई। बुक जब एसएसपी सौमित्र यादव के पास पहुंचीं तो उसमें कई पेज गायब थे। एसएसपी से थानेदार से पेज गायब होने की बात पूछी तो उन्होंने बहाना किया कि चालान बुक बंदरों के हाथ लग गई थी। बंदरों ने इसे फाड़ा है। एसएसपी सौमित्र यादव ने चालान बुक फाड़े जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह को सौंप दी है। हालांकि एसओ इस्लामनगर इस बारे में कोई जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं। जबकि एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह चालान बुक को फाड़े जाने और इसकी जांच करने की बात स्वीकार कर रहे हैं।
इस्लामनगर थाने की एक चालान बुक के कई पेज गायब है। चालान बुक को फाड़ दिया गया है। इसकी जांच एसएसपी ने मुझे सौंपी है। जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट दी जाएगी। इसके लिए जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।-बालेंदुभूषण सिंह, एसपी देहात