पड़ौलिया में रोड किनारे ही एक धर्म स्थल है। सोमवार की रात अराजक तत्वों ने मंदिर में घुसकर प्रतिमाओं को तोड़ दिया। मंगलवार सुबह गांव की महिलाएं धर्मस्थल में पूजा करने पहुंचीं तो उन्होंने यह देखा। खबर मिलने पर पूरे गांव के लोग वहां जमा हो गए। सूचना पुलिस को दी गई। मौके की नजाकत को देखते हुए इंस्पेक्टर कोतवाली मनोज सिंह, एसओ सिविल लाइंस अजय यादव को भी फोर्स के साथ पड़ौलिया बुला लिया गया। एसडीएम सदर प्रदीप यादव, तहसीलदार ओमप्रकाश और एसपी सिटी अनिल यादव भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलित थे। एसडीएम और सीओ सिटी ने किसी तरह से उनको समझाबुझा कर शांत किया। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसओ ललित सिंह का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस की लापरवाही से बिगड़ी बात
सिलहरी। कुंवरगांव थाना पुलिस की लापरवाही से पड़ौलिया में बात बिगड़ गई। दरअसल, 24 दिसंबर को गांव में एक जुलूस को लेकर दो संप्रदायों के बीच तनातनी चल रही है। पुलिस की जानकारी में भी पूरा मामला है। इसके बावजूद थाना पुलिस ने इसे संजीदगी से नहीं लिया। कार्रवाई के नाम पर दोनों पक्षों के लोगों को कई बार थाने बुलाया गया, लेकिन बीच का कोई रास्ता निकालने की जरूरत नहीं समझी।
गांव में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। एक जुलूस को लेकर दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हो गया है। कोई नई धार्मिक परंपरा शुरू नहीं होने दी जाएगी। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदीप यादव, एसडीएम सदर