जिला सेशन जज देवेंद्र कुमार नैलवाल ने छेड़छाड़ के विरोध में किशोरी को
जिंदा फूंकने के मामले में नामजद दो सगे भाइयों को उम्रकैद सहित 20-20 हजार
रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
घटना थाना उघैती के घनसौली गांव की
है। घर में अकेली पंद्रह वर्षीय किशोरी गीता से गांव के तिलक सिंह ने 25
मार्च 2011 को छेड़खानी कर दी। इस बीच गीता के माता-पिता आ गए। उन्होंने
तिलक को पकड़कर डांटा-फटकारा तथा मार-पीटकर चेतावनी देकर छोड़ दिया। दूसरे
दिन तिलक अपने पिता तेजपाल और चाचा सत्यपाल के साथ घर में घुस गया। तीनों
ने गीता को पकड़कर मिट्टी का तेल छिड़ककर फूंक दिया। गंभीर रूप से झुलसी
गीता ने इलाज के दौरान अगले दिन दम तोड़ दिया।
जज नैलवाल ने दोनों
पक्षों की सुनवाई उपरांत गीता को जिंदा जलाकर हत्या करने के आरोप में दोषी
पाकर तेजपाल, सत्यपाल को उम्रकैद सहित 20-20 हजार रुपये जुर्माना की कड़ी
सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी अनिल सिंह राठौर ने की
जबकि तीसरे आरोपी तिलक सिंह के नाबालिग होने के चलते उसकी सुनवाई किशोर
अदालत के सुपुर्द की गई है।