क्राइम मीटिंग में एसएसपी सौमित्र सिंह ने पुलिस की छवि सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने मूसाझाग और उझानी कांड का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुर्नावृत्ति नहीं होनी चाहिए। नकारा थानेदारों को फटकार लगाई। कहा कि शिकायतों का निस्तारण थाना स्तर पर ही तीन दिन के भीतर होना चाहिए। अगर फरियादी उन तक आता है तो संबंधित थानेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बुधवार को एसएसपी पुलिस लाइंस सभागार में क्राइम मीटिंग ले रहे थे। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण में नाकाम करने वाले थानेदारों को हटाया जाएगा। निर्देश दिए कि किसी अगर कोई अपराध होता है तो उसको सीमा विवाद में उलछाने से बाज आएं। किसी को भी पूछताछ के नाम पर अनावश्यक रूप से थाने में न बैठाया जाए। नवागत एसएसपी सौमित्र सिंह की यह पहली क्राइम मीटिंग थी। उन्होंने थानेदारों को हिदायत दी कि वह बिना अनुमति के थाने से मुख्यालय नहीं आएंगे। अगली क्राइम मीटिंग से पहले थानेदारों के काम की मॉनीटरिंग की जाएगी। जिनका काम खराब होगा उनको हटाया जाएगा। कहा, अनुशासनहीनता और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर एसपी सिटी अनिल यादव, एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह, सीओ सिटी आरएस धामा, सीओ उझानी सतीश शर्मा समेत सभी थानेदार मौजूद रहे।