कोतवाली क्षेत्र के गांव सिरसा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को ग्राम प्रधान ने नशे में जमकर हंगामा किया। विरोध करने पर शिक्षक के साथ गाली-गलौज की। पीटने का भी प्रयास किया। किसी तरह अन्य शिक्षकों ने हस्तक्षेप कर उन्हें हटाया। आरोप है कि प्रधान ने विद्यालय के अभिलेख भी फेंक दिए। पीड़ित शिक्षक के पक्ष में ब्लाक भर के शिक्षक आ गए। उन्होंने प्रधान के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
पीड़ित शिक्षक कृष्णस्वरूप राठौर ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि वह विद्यालय में काम कर रहे थे। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी हो रहा था। इसी दौरान ग्राम प्रधान कीर्ति प्रताप उर्फ शालू नशे में विद्यालय आ गए। उनका आरोप है कि प्रधान ने आते ही उन्हें गालियां देनी शुरु कर दीं। विरोध किया तो पीटने को बेल्ट निकाल ली। यहीं नहीं रजिस्टर, पुस्तकें आदि अभिलेख फेंकने लगे। अन्य शिक्षकों के विरोध करे कारण वह रुक गए। फिर भी वह गालियां देते हुए चले गए। कहा कि वह उन्हें देख लेंगे। शिक्षक ने कहा है कि हंगामा होने पर गांव के तमाम लोग भी आ गए। उन्होंने गांव वालों को सारी घटना से अवगत कराया। पीड़ित शिक्षक ने पूरी घटना की जांच कराकर आरोपी प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की गुहार की है। प्रधान ने कहा कि हमने कोई अभद्रता नहीं कि हम केवल समय पूछने गए थे कि शिक्षक देर से क्यों आए।
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ब्लाक भर के शिक्षक पहुंचे कोतवाली
शिक्षक कृष्णस्वरूप राठौर के साथ प्रधान द्वारा अशिष्टता किए जाने की खबर पूरे ब्लाक में फैल गई। प्राथमिक शिक्षक संघ की समरेर शाखा के अध्यक्ष संजय सिंह यादव की अगुवाई में कोतवाली पुलिस से मिले। शिक्षक नेता ने कहा कि आरोपी प्रधान के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यदि कार्रवाई नहीं की गई तो ब्लाक भर के शिक्षक आंदोलन को भी मजबूर होंगे। शिक्षक से अभद्रता करने के मामले में प्रधान पक्ष के कुछ लोग समझौते का प्रयास कर रहे हैं।