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पहचान लेने की कहना बन गया अरुण का गुनाह!

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बाईपास से घोड़ा-बुग्गी के साथ अगवा अरुण की हत्या के मामले में पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने कातिलों का खूंखार चेहरा सामने आ गया। बदमाश उसे अगवा कर अलापुर क्षेत्र में ले गए तो अरुण ने... हरनाम भैय्या, यह क्या कर रहे हो, मैं तो तुम्हें जानता भी हूं। .. का कहना ही जाने बवाल बन गया। उसे छोड़ देने पर पकड़े जाने के डर से ही उसकी हत्या कर दी गई थी।
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बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव भिलौलिया निवासी मुनेंद्र वाल्मीकि के 16 साल के बेटे अरुण को मय घोड़ा-बुग्गी वरी वाले बाईपास के नजदीक से अगवा कर लिया गया था। केस में पकड़े गए मिहौना के हरनाम उर्फ कारीगर और लाखन से कोतवाली पुलिस ने शनिवार को पूछताछ की। दरोगा अशोक यादव की मानें तो हरनाम और लाखन ने बताया कि घोड़ा-बुग्गी महज बेच देने की नीयत से लूटी गई थी। अरुण को हरनाम और लाखन अलापुर क्षेत्र के गांव चितौरा में ले गए थे। वहां अरुण ने हरनाम को पहचान लेने की बात कह दी थी। घटना में हरनाम और लाखन के अलावा किसी तीसरे का नाम सामने नहीं आया है। हालांकि तांगा चालकों ने अरुण के साथ अंतिम बार तीन लोगों के साथ होने की बात कही थी। हरनाम ने पुलिस को यह भी बताया कि भिलौलिया में मुनेंद्र का इकलौता वाल्मीकि परिवार है। केस खुलने की स्थिति में डर भी नहीं लगा। इधर, सूत्रों की मानें तो जिस बोतल से अरुण के पेट पर प्रहार किया गया, उसे फोड़ते वक्त हरनाम का हाथ भी जख्मी हो गया था।


चितौरा के लाखन पर दर्ज हैं लूट के तीन केस
उझानी। भिलौलिया के अरुण वाल्मीकि की हत्या में शामिल चितौरा का लाखन का अलापुर थाने में आपराधिक रिकार्ड निकला है। लूट के तीन मामले में उसका नाम आया था। दो बार वह जेल भी जा चुका है। जेल में हरनाम ओर लाखन की मुलाकात हुई थी। हरनाम ने इलाके में एक लूट भी की लेकिन केस पुलिस रिकार्ड में नहीं आया था।
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एटीएम मशीन हैक कर
उड़ाए 14 हजार रुपये
उझानी (बदायूं)। पंजाब नेशनल बैंक की एटीएम मशीन को हैक करके किसी मास्टमाइंड ने सर्राफ के खाते से 14 हजार रुपये निकाल लिए। हैकर का चेहरा भी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में आ गया है।
मामला शनिवार दोपहर का है। शॉपिंग कॉम्पलेक्स के सर्राफ विनय कुमार गर्ग का पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। विनय एटीएम मशीन से रुपये निकालने के लिए कार्ड डाला, तो मशीन ने काम करना बंद कर दिया। कार्ड तो निकल आया लेकिन रकम नहीं निकली। मशीन रूम में पहले से मौजूद युवक ने विनय को यह कहकर बैंक भेज दिया कि शिकायत दर्ज करा आओ।
बकौल सर्राफ, वह बैंक मैनेजर से बात कर ही रहे थे कि उसके सेलफोन पर खाते से 14 हजार रुपया डेविट होने का मैसेज आ गया। दौड़कर एटीएम मशीन रूम में पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। मैनेजर ने सीसीटीवी की फुटेज भी देखी लेकिन संदिग्ध युवक का चेहरा पहचान में नहीं आया। बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक संधीर श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत पर जांच की जा रही है।
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