व्यापारी राजेश गुप्ता की हत्या का सूत्रधार उसका साढू़ ही निकला। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एसओजी सर्विलांस के जरिए हत्यारों तक पहुंचने में सफल रही।
शुक्रवार की रात एक अज्ञात व्यक्ति वार्ड नंबर 15 निवासी व्यापारी राजेश गुप्ता को बुलाकर ले गया था। शनिवार को व्यापारी का शव गौटिया रोड पर मिला था। पुलिस के अनुसार 6.80 लाख रुपये हड़पने के लिए राजेश गुप्ता की हत्या की गई। राजेश के मौसेरे साढू़ भटौली निवासी संजीव गुप्ता पर यह देनदारी थी। पुलिस के अनुसार संजीव गुप्ता ने अपने ड्राइवर नरेश कश्यप, डहरपुर कलां निवासी अजय पाल, भटौली के हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ जग्गा के साथ राजेश गुप्ता की हत्या की योजना बनाई।
जांच में सामने आया कि भटौली के विनोद ने संजीव को फर्जी आईडी पर सिम दिया था। शुक्रवार की रात संजीव ने इसी नंबर से फोन करके राजेश गुप्ता को घर से बुलाया और अपनी कार से गौटिया मोड़ पर ले गया। यहां अजयपाल, राजेंद्र उर्फ जग्गा पहले से घात लगाए बैठे थे। चारो लोगों ने यहां राजेंद्र गुप्ता को दबोच लिया और चाकू से गला रेत कर उसकी हत्या कर दी। शव झाड़ियों में फेंकने के बाद मोबाइल और चाकू पापड़ में नदी के पास फेंक दिया।
एसएसपी सौमित्र सिंह ने बताया कि पुलिस को हत्याकांड का 22 घंटे में खुलासा करने में सर्विलांस से कामयाबी मिली। पुलिस ने संजीव गुप्ता, नरेश कश्यप, अजयपाल को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों ने जुर्म कबूल किया है।
टीम को पांच हजार का पुरस्कार
एसएसपी ने टीम में शामिल इंद्रेशपाल सिंह, सौरभ शुक्ला, विपिन, चंद्राहस, मनोज, सुरेंद्र, दातागंज कोतवाल वीरपाल सिरोही को घटना का खुलासा करने के लिए उन्होंने पांच हजार पुरस्कार भी दिया है।