जांच के नाम पर प्रताड़ित करने की बात कही थी
जल्द होने वाली थी डाक विभाग के कर्मी की शादी
मुख्य डाक घर में सिस्टम मैनेजर के पद पर तैनात सचिन वर्मा की खुदकुशी के बाद 25 लाख रुपये के घोटाला से जुड़ कई राज भी दफन हो गए हैं। जांच के दायरे में सचिन वर्मा भी था। सोमवार को उससे लंबी पूछताछ की गई थी। इसके बाद से वह डिप्रेशन में था। घर पहुंच कर उसने अपने पिता को भी इस बारे में बताया था। सचिन की जल्द शादी भी होने वाली है। एक रिश्ते की बात चल रही है। उसकी मौत से परिवार वाले गमगीन हैं।
डाक विभाग में एटीएम कार्ड चोरी कर गबन किए गए 25 लाख रुपये का मामला जब प्रकाश में आया तो पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। सोमवार को बरेली से एक टीम बदायूं पहुंची। टीम के अधिकारियों ने जिम्मेदारों से लंबी पूछताछ की। इसके बाद ही मुख्य डाक अधीक्षक रामबाबू मिश्रा को बदायूं से हटाया गया। मामले में डिप्टी पोस्टमास्टर और बैंक सहायक के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हालांकि, एफआईआर में सचिन नामजद नहीं है। सिस्टम मैनेजर होने के नाते वह जांच टीम के निशाने पर था।
सोमवार को हुई घंटों की पूछताछ के बाद सचिन रात में 8:30 बजे घर पहुंचा। अपने पिता कुमरपाल को बताया कि उसे पूछताछ के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। परिवार में किसी ने यह नहीं सोचा था कि सचिन खुदकुशी जैसा कदम उठाएगा।
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श्रीकांत वर्मा की भूमिका पर भी संदेह
बदायूं। सचिन के पिता कुमारपाल की मानें तो उनका बेटा रात साढ़े आठ बजे घर पहुंचा था। कुछ देर उनसे बात की। इसके बाद सचिन का सहकर्मी क्रांति वर्मा आया और उसे अपने साथ ले गया। इसके बाद सचिन करीब एक घंटे के बाद घर पहुंचा। सुबह जब उन्होंने देखा तो सचिन का शव कमरे में पड़ा था। ऐसे में क्रांति वर्मा की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अशोक कुमार ने बताया कि मामले में क्रांति वर्मा से भी पूछताछ की जाएगी।
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तहरीर से अलग आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट
बदायूं। सचिन के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि उन्होंने मंगलवार सुबह सचिन के कमरे में देखा तो उसका शव पड़ा था। तहरीर में फांसी की बात का जिक्र नहीं किया गया है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मामला हैंगिंग का बताया गया है।