बदायूं कछला रोड पर बैगनार कार और रोडवेज बस की टक्कर के बाद करीब पौन घंटे तक हाईवे जाम रहा। गनीमत रही कि बस में किसी सवारी को नुकसान नहीं पहुंचा। छात्रा के भाई की जान भी बच सकती थी अगर एंबुलेंस सेवा में लेटलतीफी न होती। डॉक्टर भी इस बात को मानते हैं।
कछला मोड़ पर हादसा शाम करीब साढ़े चार बजे हुआ। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो सबसे पहले सीओ उझानी सतीश कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। यहां से घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजने को एंबुलेंस बुलाई गई। हालांकि एक एंबुलेंस कछला पीएचसी पर ही रहती है तब भी एंबुलेंस को मौके पर पहुंचने में पौन घंटा लग गया। पहले एंबुलेंस से ख्याली, अमित और हरिओम को बदायूं भेज दिया गया। यहां डॉक्टर्स ने अमित को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद बदायूं-कछला के बीच पुलिस की गाड़ियां दौड़ती रहीं। घायल जिला अस्पताल पहुंचे तो यहां एसपी सिटी लल्लन सिंह, सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धाबा, इंस्पेक्टर कोतवाली एसएस बराच भी पहुंच गए। किसी तरह से अमित के परिवार वालों को पुलिस ने ढांढस बंधाया।
दबिश पर भी उठ रहे सवाल
बदायूं। कोतवाली पुलिस की यह दबिश पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर पुलिस टीम अपने साथ वादी पक्ष के दो लोगों को लेकर क्यों गई। अगर पुलिस की कासगंज के लिए रवानगी जीडी में दर्ज है, तो दबिश के लिए निजी कार का इस्तेमाल क्यों किया गया। दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद वादी पक्ष के दो लोगों साथ ही बदायूं क्यों लाया जा रहा था। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों की मानें, तो हादसे से पहले कार के भीतर गुत्थम-गुत्था हुई थी। इसी दौरान एक आरोपी ने कार से कूदने की कोशिश की। जबकि पुलिस इसे नकार रही है। सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा की मानें तो आरोपियों की पहचान के लिए वादी पक्ष के दो लोगों का ले जाया गया था।