गैंगरेप के आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न करना बिसौली सर्किल के पूर्व सीओ राजवीर सिंह और एसओ शमशाद अहमद को खासा महंगा पड़ गया। बुधवार को दोनों के खिलाफ वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। यह कार्रवाई राष्ट्रीय मानवधिकार आयोग के निर्देश पर की गई है।
24 जुलाई 2014 को वजीरगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली एक किशोरी से गैंगरेप हुआ था। पीड़ित पक्ष के तहरीर देने के बावजूद वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उस वक्त बिसौली सर्किल के सीओ राजवीर सिंह और वजीरगंज थाने के एसओ शमशाद अहमद थे। इधर-उधर भटकने के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय मानवधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया। मानवाधिकार आयोग के आदेश पर घटना की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आयोग के आदेश पर कराई गई जांच में तत्कालीन एसपी सिटी बालेंदु भूषण सिंह ने सीओ राजवीर सिंह और एसओ शमशाद को रिपोर्ट दर्ज न करने का दोषी पाया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर मानवाधिकार आयोग ने तत्कालीन सीओ राजवीर और एसओ शमशाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश एसएसपी को दिया था। एसएसपी के निर्देश पर सीओ बिसौली ने तत्कालीन सीओ और एसओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का लिखित आदेश जारी किया। बुधवार को तत्कालीन सीओ राजवीर सिंह और एसओ शमशाद अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। सीओ राजवीर सिंह विभाग से रिटायर हो चुके हैं।