मूसाझाग थाने के दो सिपाहियों ने बुधवार रात नशा करने के बाद पास के गांव
की एक नाबालिग लड़की को थाने में लाकर उसके साथ बलात्कार किया। चार घंटे तक
थाने के एक कमरे में रखने बाद दोनों सिपाही रात करीब 12 बजे एक कार से उसे
गांव के पास छोड़ आए। दिन भर इस मामले को दबाने की कोशिशें चलती रहीं। शाम को जब लड़की के
परिवार वाले उसे लेकर बदायूं पहुंचे तो एसपी के आदेश पर मूसाझाग थाने में
ही सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एसओ
रामलखन यादव का कहना है कि दोनों सिपाही 31 को शाम आठ बजे गश्त पर गए थे तब
से उनका पता नहीं है। किशोरी का मेडिकल अब तक नहीं कराया गया है। बदायूं
एसपी से मिलने पहुंची किशोरी हादसे के कई घंटे बाद भी बदहवास लग रही थी और
उसे चलने में भी परेशानी हो रही थी।
परिवार वालों ने बताया कि किशोरी की
उम्र 14 साल है। बुधवार रात करीब आठ बजे वह घर से शौच के लिए निकली थी तभी
मूसाझाग थाने में तैनात दो सिपाही कार लेकर वहां पहुंचे। सिपाहियों ने
किशोरी को कार में डाल लिया और मझारा गांव की ओर चले गए। रात में करीब 12
बजे सिपाही किशोरी को गांव के बाहर छोड़ गए। किशोरी के पिता इन दिनों बरेली
के एक अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के लिए भर्ती हैं। घर पर किशोरी और
उसकी मां ही थी। परिवार वालों ने बताया कि दोनों सिपाहियों ने किशोरी को
चार घंटे तक थाने के एक कमरे में बंद रखकर उसके साथ गैंगरेप किया।
सिपाहियों की डर की वजह से वे लोग थाने नहीं गए। शाम को मौका देख कर सीधे
बदायूं पहुंचे ताकि बड़े अफसरों को सच बता सकें। एसएसपी के अवकाश पर होने
के कारण एसपी सिटी लल्लन सिंह ने उनकी फरियाद सुनी और तुरंत मूसाझाग थाने
को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
किशोरी से गैंगरेप का
मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस संबंध में मूसाझाग एसओ ने रिपोर्ट दर्ज
कर ली है। सिपाहियों का पता किया जा रहा है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई
होगी।-
लल्लन सिंह, एसपी सिटी