मूसाझाग थाने के एक गांव में रविवार शाम वारदात
पूरे मामले में लीपापोती, एक आरोपी को बचा गई पुलिस
थाने में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म को लेकर बदनाम मूसाझाग के एक गांव में रविवार शाम दो लोगों ने सगी नाबालिग बहनों से दरिंदगी की कोशिश की। आरोपी दोनों लड़कियों को उठाकर सरसों के खेत में ले जा रहे थे। विरोध करने पर उन्होंने बहनों के कपड़े भी फाड़ डाले। मूसाझाग पुलिस ने मामले में लीपापोती कर दी। एक ही आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया।
वारदात रविवार शाम की है। मूसाझाग थाने के एक गांव की दो बहनें शाम करीब सात बजे शौच को जा रही थीं। एक बहन की उम्र 14 और एक की 12 साल है। गांव के बाहर निकलने पर गांव के ही मुस्लिम नाम के युवक ने अपने एक अन्य साथी के साथ दोनों बहनों को दबोच लिया। दोनों युवक इनको सरसों के खेत में घसीट कर ले जाने लगे। लड़कियों ने विरोध किया तो इनके कपड़े फाड़ डाले। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग आ गए। इससे पहले दोनों आरोपी मौके से भाग गए। किशोरियों का पिता उनको लेकर थाने पहुंचा। उसने दोनों आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी लेकिन पुलिस ने तहरीर दोबारा से लिखवाई। तहरीर में एक ही आरोपी मुस्लिम पुत्र अफसर का नाम था। इसी तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। दूसरे आरोपी को पुलिस पूरी तरह से बचा गई।
इधर, गांव में चर्चा है कि दोनों पक्ष एक ही बिरादरी के होने की वजह से किशोरी के ही परिवार के लोगों ने एक आरोपी को बचा दिया। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि इसको लेकर रविवार रात किशोरी और दूसरे आरोपी के परिवार वालों के बीच पंचायत भी हुई थी।
-----
तहरीर के आधार पर ही रिपोर्ट दर्ज की गई है। पहले तो लड़कियों के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराने से ही इंकार कर दिया। बाद में तहरीर दी गई। जांच के दौरान सच्चाई सामने आ जाएगी।
-एपी सिंह यादव, एसओ मूसाझाग