गुरुवार को कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि महिला रेप की बात से मुकर
गई है। चूंकि नामजदगी हो चुकी है, इसलिए महिला का 164 का बयान मजिस्ट्रेट
के समक्ष शुक्रवार को दर्ज कराया जाएगा। पुलिस ने गत दिवस महिला को मेडिकल
कराने के लिए भी भेजा था, लेकिन उसने मेडिकल कराने से भी इंकार कर दिया है।
सूत्रों
के अनुसार महिला पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी। नामजदगी के
बाद से पुलिस की हिरासत में मौजूद गौतमपुरी इलाके के पूर्व सैनिक राजपाल
सिंह के पैरोकारों के साथ पीड़ित को बृहस्पतिवार को तीन बार कोतवाली में
देखा गया। पड़ोसी गांव के एक पूर्व प्रधान ने बुधवार दोपहर से ही अहम
भूमिका निभानी शुरू कर दी थी। उसी के प्रयास की वजह से मामले ने यू टर्न
लिया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में तो ले लिया था। दूसरे दिन भी हिरासत
में रखा। पर उसका चालान नहीं किया।
आखिर क्यों निकाली बैंक से मोटी रकम
उझानी।
रेप में नामजद होने के साथ ही कोतवाली पुलिस की हिरासत में मौजूद पूर्व
सैनिक राजपाल सिंह बृहस्पतिवार दोपहर में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में
पहुंचा। उसने विड्रॉल के जरिए एक लाख रुपये से अधिक की धनराशि निकाली। वह
अपने पैरोकार और पुलिस कर्मी के साथ ही बैंक गया था। पुलिस कर्मी बैंक
परिसर में राजपाल के साथ था या नहीं, यह तो सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पता
लगेगा लेकिन बैंक के सीनियर मैनेजर संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि
भुगतान तो हुआ है। भुगतान से पहले ही बात लोगों की जुबां पर आ गई।