कटरा सआदतगंज मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दूसरे गवाह रामबाबू ने भी झूठ बोला था। इसे उसे पूछताछ के दौरान स्वीकार भी कर लिया। क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया है कि रामबाबू उस रात मौके पर नहीं था। बावजूद इसके उसका नाम एफआईआर में दर्ज कर उसे गवाह बनाया गया। एफआईआर में रामबाबू की ओर से यह भी कहा गया कि जब पप्पू और नजरू के बीच झड़प हुई तो वह मौके पर था।
कटरा सआदतगंज कांड में छह महीने बाद 11 दिसंबर को सीबीआई ने स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। इसमें पांचों आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई है और लड़कियों द्वारा आत्महत्या करने की बात कही गई है। क्लोजर रिपोर्ट में सीबीआई ने साफ कहा है कि घटना की रिपोर्ट फर्जी दर्ज कराई गई। जिस तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई उससे पहले आरोपियों के नाम बदल-बदल कर चार तहरीरें लिखी गईं। विवेचना के दौरान दो तहरीरें मिल भी गई हैं।