रकम दोगुनी करने के नाम पर दंपति से ठगी के आरोप में पकड़ा गया राजू खान दूसरे दिन भी पुलिस हिरासत में रहा। हालांकि पुलिस ने बुधवार शाम उससे पूछताछ भी की, लेकिन वह खुद को राहगीर बताकर बेगुनाह ठहराने की कोशिश में दिखा। वह पीलीभीत में सुनगढ़ी की राजीव कॉलोनी का निवासी निकला है। कोतवाल ने पीलीभीत पुलिस से राजू के बारे में जानकारी मांगी है।
ठगी के आरोपी राजू खान ने गत दिवस पुलिस को बताया था कि वह हाथरस में रेलवे जंक्शन के पास मस्जिद इलाके का निवासी है। उसके पास हाथरस का वोटर आईडी कार्ड भी मिला था। पुलिस ने उसके बताए सेलफोन नंबर पर संपर्क साधा तो हाथरस का पता उसके बहनोई नूरआलम का निकला। वह नूरआलम के घर रहकर पिछले कुछ महीनों से वहां काम करता था। जबकि वह पीलीभीत में सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में राजीव कॉलोनी का निवासी है।
कोतवाल देवराज राठी ने देर रात पीलीभीत में सुनगढ़ी थाना पुलिस से भी संपर्क साधा। राजू के चाल-चलन का भी ब्योरा मांगा है। हालांकि पुलिस को राजू के बारे में कोई खास जानकारी मुहैया नहीं हो पाई है लेकिन राजू खुद को बेगुनाह ठहरा रहा है। उसकी मानें तो जो युवक दंपति के पास से भागा, उसे वह जानता तक नहीं है। वह हाथरस जाने को ट्रक से चला था जो बाजार में रुक गया। वह चाय पीने के लिए प्राइवेट स्टैंड के पास खड़ा था, तभी भीड़ टूट पड़ी। पुलिस ने राजू के बहन-बहनोई को भी बुलाया है।
गृहमंत्री की सुरक्षा ड्यूटी के फेर में पड़ी तहकीकात
उझानी। ठगी के आरोप में पकड़े गए राजू खान के मामले में पुलिस बृहस्पतिवार को जांच नहीं कर पाई। सच्चाई का पता लगाने को तहकीकात करने का मौका उसे इसलिए भी नहीं मिल पाया कि बिल्सी क्षेत्र के गांव सतेती में देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह की किसान महापंचायत थी। कोतवाल समेत ज्यादातर दरोगा और पुलिस कर्मी केंद्रीय गृहमंत्री की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किए गए थे।