उरौलिया निवासी आकिब के खिलाफ सीजेएम कोर्ट से दो बार वारंट जारी हो चुके हैं। शुक्रवार रात ककराला चौकी के सिपाही अमित और पाशा उसे पकड़ने गांव पहुंचे। सिपाहियों ने उसे हिरासत में ले लिया। वे उसे ले ही जा रहे थे गांव के लोगों ने एकजुट होकर सिपाहियों को घेर लिया। दो सिपाही भीड़ के आगे बेबस हो गए। गनीमत रही कि हमले में वे घायल नहीं हुए। खबर मिलने पर थाने से फोर्स गांव पहुंचा। इससे पहले आरोपी भाग चुके थे। मामले में ककराला चौकी इंचार्ज राजीव कुमार की ओर से आकिब, इल्यास, तवरेज, जिया, मुशर्रफ, मुतलिब, रविउल, सुभान, फरमान को नामजद करते हुए 25 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इन सभी पर सरकारी काम में बाधा डालना और पुलिस पार्टी पर हमले का आरोप है। अज्ञात 16 आरोपियों की पहचान की जा रही है। सभी आरोपी फरार हैं।
गांव वालों ने हमला करके सिपाहियों के कब्जे से चोरी के आरोपी को छुड़ा लिया था। आकिब के खिलाफ कई वारंट हैं। सिपाहियों से मारपीट की बात गलत है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-अजीत प्रताप सिंह, एसओ अलापुर
पहले भी होते रहे हैं जिले में पुलिस पर हमले
बदायूं। अलापुर थाने के गांव उरौलिया में पुलिस पार्टी पर हमले की घटना नई नहीं है। इससे पहले भी पुलिस पर हमले होते रहे हैं। पिछले साल मांस तस्करों ने उसहैत थाने पर हमला कर पथराव किया था। सितंबर 2014 में गुस्साए लोगों ने कछला पुलिस चौकी फूंक दी थी। शुक्रवार को भी यही हुआ। शाम ककराला चौकी के सिपाही पाशा और अमित को खबर मिली थी कि चोरी का आरोपी वारंटी आकिब गांव में घूम रहा है। दोनों सिपाही बिना किसी उपनिरीक्षक और फोर्स के गांव पहुंच गए। यहां सिपाहियों की वर्दी के रौब नहीं चला और ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया। लेकिन पहले की तरह इस बार भी पुलिस ने मुकदमे में सिपाहियों से मारपीट का जिक्र नहीं किया है।