बाइक सवार चार बदमाशों ने शनिवार की रात पुलिस पार्टी पर डंडों से हमला कर दिया। इसमें चार सिपाही जख्मी हो गए। एक हमलावर ने पुलिस पार्टी पर फायर भी झोंका। इसमें दरोगा और सिपाही बाल-बाल बचे। घटना वाहन चेकिंग के दौरान उस्मानपुर-करियावैन के बीच हुई। दो नामजद समेत चार हमलावरों के खिलाफ पुलिस मुठभेड़ का मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मुठभेड़ की कहानी लोगों के गले नहीं उतर रही है। चर्चा है कि एक नेता के इशारे पर विरोधियों को फंसाने के लिए मुठभेड़ का ड्रामा रचा गया है।
बकौल पुलिस, जरीफनगर थाने के दरोगा अमित कुमार, सिपाही रविंद्र कुमार, पुत्तू सिंह, दुर्गेश और पुलिस जीप चालक सुगड़पाल के साथ शनिवार को रात्रि गश्त पर थे। पुलिस को रात 10.30 बजे उस्मानपुर की ओर से आती हुई एक बाइक दिखी। इस पर चार लोग सवार थे। पुलिस ने टॉर्च की रोशनी डालकर बाइक चालक को रुकने का इशारा किया। इस पर चालक ने बाइक दौड़ा दी। सिपाहियों ने पीछा करके बाइक को पकड़ लिया। दरोगा अमित कुमार का दावा है कि बाइक पर बैठे एक युवक ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। तीन युवकों ने सिपाही रविंद्र कुमार, पुत्तू सिंह और दुर्वेश को डंडों से पीटना शुरू कर दिया। हमले में तीनों सिपाही घायल हो गए। पुलिस पार्टी पर हमला करने के बाद चारो युवक बाइक से करियावैन की ओर भाग गए। इस मामले में पुलिस की ओर से मुठभेड़ का मामला दर्ज किया है।
पहचान पत्र लेकर आए थे मुठभेड़ करने?
पुलिस की कहानी में कई झोल हैं। एसआई अमित कुमार का कहना है कि खींचतान में मौके पर बाइक दो युवकों के पहचान पत्र छूट गए। अब सवाल यह उठता है कि हमलावर पहचान पत्र लेकर पुलिस से मुठभेड़ करने आए थे? इतना ही नहीं चार सिपाही और एक दरोगा पर चार लोग कैसे भारी पड़ गए? सिपाहियों को पीटने के बाद चारो लोग एक ही बाइक पर बैठ कर वहां से भाग भी गए, जबकि पुलिस के पास जीप थी। वो उनको पकड़ भी नहीं सकी। दरोगा के पास असलाह था, मुठभेड़ में एक भी घायल नहीं हुआ। पुलिस की मानें तो पहचान पत्र के आधार पर इनकी पहचान करियावैन निवासी मोरपाल और अजीत कुमार की के रूप में हुई है। एसओ गंगा सिंह का कहना है कि जांच की जा रही है।
पुलिस पार्टी पर हमला गंभीर घटना है। दो हमलावरों की शिनाख्त हो गई है। चारो के खिलाफ मुठभेड़ का मुकदमा कायम किया गया है। सभी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -उमेश यादव, सीओ सहसवान