न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ड न्यायाधीश रीता कौशिक ने सामूहिक दुष्कर्म के नामजद आरोपियों को बीस-बीस साल की कड़ी कैद सहित 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी तीन-तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा भोगेंगे।
घटना ग्राम सिमरिया थाना अलापुर की है। सिमरिया गांव निवासी ने थाना अलापुर में सूचना दी थी कि वह टैक्सी का ड्राइवर है। उसकी बहन रात्रि नौ बजे उसके घर पर सोने के लिए अपनी दादी एवं बाबा के पास गांव के बाहर बनी झोपड़ी पर जा रही थी कि रास्ते में पप्पू के खेत में कप्तान पुत्र गोवर्धन और अनिल पुत्र कृपाल उसकी बहन को जबरन पकड़कर ले गए। कप्तान ने वादी की बहन के साथ जबरदस्ती गलत काम किया। आरोपी अनिल ने गलत काम की कोशिश की। शोर शराबे पर गांव के रतन लाल, श्यामलाल आ गए। जिनको देखकर दोनों आरोपी भाग गए। जब वादी बदायूं से टैक्सी चलाकर रात के एक बजे घर वापस आया तो वादी को उसकी पीड़िता ने सारी घटना बताई।
जज कौशिक ने समस्त पत्रावती का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी कप्तान सिंह पुत्र गोवर्धन और अनिल कुमार पुत्र कृपाल सिंह निवासीगण सिमरिया को सामूहिक दुष्कर्म करने का दोषी पाकर 20-20 साल की कड़ी कैद सहित 40-40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की संपूर्ण धनराशि बतौर मुआवजा पीड़िता को देने का आदेश भी सुनाया है।
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एडीजे के निलंबन आदेश की
प्रति जनपद न्यायालय पहुंची
बदायूं। जनपद न्यायालय में हाल ही में तैनात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्धितीय एके सिंह को हाईकोर्ट इलाहाबाद के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने निलंबित कर दिया है। एडीजे एके सिंह के खिलाफ पूर्व जनपद गोरखपुर में कुछ डॉक्टरों ने शिकायत की थी। इसी के चलते एडीजे द्वितीय को निलंबित किया गया है। निलंबन के आदेश की प्रति मंगलवार दोपहर जनपद न्यायालय में पहुंच गई है।