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पीसी शर्मा नौचंदी  एक्सप्रेस में गिरफ्तार

Sat, 20 Aug 2016 11:45 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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पीसी शर्मा नौचंदी  एक्सप्रेस में गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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प्रभारी डीजीसी (क्रिमनल) साधना शर्मा की हत्या का मामला
लखनऊ पुलिस की मदद से क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा
क्राइम ब्रांच बरेली कर रही है हत्याकांड की विवेचना
इलाहाबाद से बरेली के लिए चला था शुक्रवार की रात
 प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) साधना शर्मा हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त पीसी शर्मा को क्राइम ब्रांच बरेली की टीम ने लखनऊ पुलिस की मदद से नौचंदी एक्सप्रेस से दबोच लिया। वह शुक्रवार रात को इलाहाबाद से बरेली के लिए चला था। रिजर्वेशन भी उसने प्रेमचंद्र नाम से कराया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ में जुट गई है।
बाजार कलां मोहल्ला निवासी प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की हत्या ट्वेरा कार चढ़ाकर 23 मई को कर दी गई थी। पीसी शर्मा का नाम उस वक्त सामने आया, जब कोतवाली पुलिस ने 26 जून को उसके करीबी बहादुरगंज मोहल्ला निवासी गिरीशचंद्र शर्मा और बिल्सी के गांव बेहटा गुसाई निवासी ट्वेरा मालिक राजू का पकड़ा था। गिरीश और राजू ने खुलासा किया था कि पीसी शर्मा ने सुपारी देकर साधना की हत्या कराई है। हत्याकांड में बेहटा गुसाईं का ही इशरत, यासीन बाबा मुजरिया के गांव भीकमपुर का सुपारी किलर मस्ताना सलारपुर का मुनेंद्र उर्फ पिंटू और परौली निवासी मोहब्बत उर्फ साजिद भी शामिल थे। आरोपियों में गिरीश, मस्ताना, राजू और यासीन को पुलिस जेल भेज चुकी है।
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साधना शर्मा की हत्या को लेकर शुरू में पसोपेश इसलिए भी रहा था कि मृतका की बहन ने घटना के अगले दिन जिन छह लोगों को नामजद कराया था, उसमें पूर्व विधायक योगेंद्र सागर का भी नाम शामिल था। कोतवाली पुलिस ने खुलासे के बाद नामजदों को क्लीन चिट दे दी थी। बता दें कि मृतका की बहन ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए विवेचना बदलवाने के लिए आईजी जोन विजय सिंह मीना से गुहार लगाई थी। आईजी के आदेश पर ही साधना हत्याकांड की विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच के इंसपेक्टर एसएस पवार कर रहे हैं। पीसी शर्मा की गिरफ्तारी के बारे में सूत्रों की मानें तो उसकी मुखबिरी भी कराई गई। मुखबिर के जरिए पता लगा था कि वह इलाहाबाद से बरेली के लिए नौचंदी एक्सप्रेस में सवार होकर चला है। लखनऊ में मलियाबाद के पास ही पास दबोचा गया।
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पुलिस चाहती तो बहुत पहले पकड़ लेती पीसी को
उझानी। साधना शर्मा की हत्या में पीसी शर्मा का नाम उजागर होने के बाद से कोतवाली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते रहे थे। बताते तो यहां तक है कि तत्कालीन विवेचक ने मुख्य आरोपी पीसी शर्मा को पकड़ने को लिए उस मजबूती के साथ जाल नहीं बिछाया जैसा कि कुछेक केस में देखने को मिलता रहा है। सूत्रों की मानें तो पहले उसकी लोकेशन मथुरा में मिली थी। यह बात कोतवाली पुलिस और पुलिस अफसरों तक पहुंची, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए। बाद में वह मथुरा से भी गायब हो गया। फरारी के दौरान पीसी शर्मा ने फेसबुक अकाउंट का भी इस्तेमाल किया था। वह अपने खास लोगों से सेलफोन पर संपर्क बनाए रहा। विवेचना क्राइम ब्रांच बरेली को मिली, उसी दिन से पीसी शर्मा के खेमा में खलबली मच गई थी। क्राइम ब्रांच ने ही उसे समेत चार आरोपियों को भगोड़ा घोषित कराके घरों पर नोटिस भी चस्पा कर दिए थे। 
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