बहस के दौरान स्पेशल जज पाक्सो एक्ट अहमद उल्ला खान ने सीबीआई के वकील से कहा कि यह पाक्सो एक्ट कोर्ट है। बहस के लिए पाक्सो एक्ट के तहत तैयारी करके आएं तो बेहतर होगा। कोर्ट ने कहा कि अगर अगली तारीख पर वादी पक्ष को साक्ष्य मुहैया नहीं कराए गए, तो मजबूरन कोर्ट को आदेश पारित करना होगा। कोर्ट ने बहस के दौरान सीबीआई के वकील कुमार रजत की सभी दलीलों को खारिज कर दिया।
सीबीआई ने मांगा 25 दिन का समय
बदायूं। कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने भले चार महीने पहले क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी हो, लेकिन सभी साक्ष्य दाखिल करने के लिए कोर्ट से 25 दिन का समय मांगा। सीबीआई के वकील ने कोर्ट से कहा कि अगली सुनवाई के लिए 20-25 मई की तारीख निर्धारित कर दी जाए। कोर्ट ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया और कहा कि छह मई को सभी साक्ष्य दाखिल करने होंगे।
सीबीआई के पास क्लोजर रिपोर्ट का आधार नहीं
बदायूं। वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी और ज्ञान सिंह ने सुनवाई के बाद कहा कि सीबीआई के पास क्लोजर रिपोर्ट का आधार ही नहीं है। अगर ऐसा होता तो पाक्सो एक्ट के तहत अब तक सभी साक्ष्य मुहैया करा दिए गए होते। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में सीबीआई शुरू से गुमराह करने का काम कर रही है। सीबीआई को लेकर कोर्ट के रुख पर उन्होंने संतोष जताया।