शासन की सख्ती उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद भी भू माफिया ने झील के बडे़ भू-भाग पर कब्जा कर लिया है। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नूरपुर चौडेरा मामूरगंज और भोजपुर नरायनपुर के क्षेत्र में आने वाली नूरपुर झील के रकवे का क्षेत्रफल लगभग दो हजार बीघा है। झील के अंदर भू माफिया ने कब्जा कर खेती शुरू कर दी है। यही नहीं पंपिंग सैट्स लगाकर सिंचाई भी की जा रही है। कार्रवाई का हौवा दिखाकर राजस्व कर्मियों ने ऐसे लोगों का दोहन तो किया किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की है।
झील की जमीन में गेहूं, सरसों और गन्ना की फसलें उगाई जा रही हैं। जिसमें कुछ बाहरी लोगों को भी इसकी जमीन दे दी गई है। अवैध रूप से समतलीकरण और जुताई से झील अपना स्वरूप खोती चली जा रही है। राजस्व कर्मियों ने बिना पट्टे के ही लोगों को जमीन आवंटित कर दी है।
टीम बनाकर कराई जाए जांच
क्षेत्रीय नागरिकों को कहना है कि चारों ग्राम पंचायत के लेखपालों के साथ मिलकर टीम बनाकर अधिकारियों के नेतृत्व में झील की नाप कराई जाए। साथ ही कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। मनरेगा के तहत झील को पुराना स्वरूप दिया जाए।
बिगड़ा झील का स्वरूप प्रवासी पक्षी नहीं आए
इन दिनों झील में पानी होने पर हजारों प्रवासी पक्षी आकर वसेरा करते थे। झील में कमल के फूल खिलते थे। भसीड़ा होता और मछली से रोजगार मिलता था। दबंगों की मनमानी से झील का स्वरूप ही नष्ट हो गया है।
दो दर्जन लोगों के खिलाफ 120बी की कार्रवाई की गई है। भू माफिया को चिह्नित कर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। - राजमणि मिश्रा, तहसीलदार, बदायूं