हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा के फरार नौ हत्यारोपियों की गिरफ्तरी पुलिस को चुनौती बनी हुई है। दूसरी ओर दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बन रही है। टकराव की मुख्य वजह मांस कारोबार और रुपयों का लेनदेन है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि फरार हत्यारोपी कभी भी संगीन वारदात को अंजाम दे सकते हैं। खून-खराबा होने से शहर की फिजा के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।
शहर में मांस और ‘पोटली’ के कारोबार पर नईम उर्फ राजा का वर्चस्व था। इसी के चलते उसकी 20 अक्तूबर को सुबह सात बजे मीट मार्केट के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। नईम के भाई फहीम ने 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों में मोहम्मद हाशिम, अकरम उर्फ नन्ना, अमजद को जेल भेजा जा चुका है। फरार चल रहे नौ आरोपी मांस कारोबार पर अपना वर्चस्व कायम करने की कवायद में जुटे हैं। इसको लेकर आए दिन दोनों पक्षों में झड़पें हो रही हैं। पुलिस इसे नजरअंदाज कर रही है। इससे शहर की फिजा को भी खतरा बना हुआ है।
नईम हत्याकांड के गवाह को धमकी
बदायूं। नईम उर्फ राजा हत्याकांड के गवाह रीनू उर्फ जावेद ने दूसरे पक्ष पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। रीनू का आरोप है कि हत्यारोपियों के करीबी रिश्तेदार लल्ला कुरैशी ने फोन पर उसको धमकी दी है। उससे गवाही से हटने और हलफमाना देने की बात कही है। रीनू ने हत्यारोपियों से खुद की जान को खतरा बताते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
वर्जन-
फरार हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। रीनू उर्फ जावेद की ओर से तहरीर मिली है। इसकी जांच की जा रही है। गवाह को धमकी देने वालों के खिलाफ मुकदमा कायम किया जाएगा।-मनोज कुमार सिंह, इंस्पेक्टर कोतवाली