मूसाझाग थाने में नाबालिग से गैंगरेप के मामले में जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने तत्कालीन सीओ उझानी समेत घटना की रात थाने में तैनात स्टाफ के बयान दर्ज कर लिए हैं। पीड़िता समेत परिवार और गांव के लोेगों के बयान पहले ही दर्ज हो चुके हैं। क्राइम ब्रांच जांच लगभग पूरी कर चुकी है। दावा किया जा रहा है कि वक्त पर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। अब तक की जांच में आरोपी सिपाहियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिल चुके हैं। मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव, अवनीश यादव ने 31 दिसंबर की रात नाबालिग को अगवा कर उससे थाने में गैंगरेप किया था।
घटना की विवेचना एसओ मूसाझाग अशोक कुमार कर रहे थे। फरवरी के पहले सप्ताह में जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर यशवीर सिंह ने मामले में तत्कालीन सीओ उझानी नरेंद्रपाल सिंह, तत्कालीन एसओ मूसाझाग रामलखन यादव, घटना की रात थाने के ड्यूटी अफसर हिमांशु शुक्ला, एसआई सोबरन सिंह, मुकदमा दर्ज करने वाले मुंशी उदयवीर सिंह के बयान दर्ज कर लिए हैं। बता दें कि दोनों आरोपी सिपाहियों को जेल भेजने के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। इससे पहले नाबालिग, उसके परिवार और गांव वालों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सीओ, एसओ, दो एसआई, एक मुंशी और दो होमगार्ड के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है। क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर की मानें तो जांच लगभग पूरी हो चुकी है।
चार्जशीट के लिए फॉरेंसिक
रिपोर्ट का इंतजार नहीं
बदायूं। मूसाझाग थाने में नाबालिग से गैंगरेप के मामले में क्राइम ब्रांच स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में समय से चार्जशीट दाखिल कर देगी। अब तक की विवेचना में आरोपी सिपाहियों के खिलाफ इतने साक्ष्य मिल चुके हैं कि क्राइम ब्रांच को फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डीएनए रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना होगा। पुलिस सूत्रों की मानें तो फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डीएनए रिपोर्ट आने में अभी वक्त लग सकता है।
पीड़िता, उसके परिवार, गांव वालों के साथ तत्कालीन सीओ उझानी, घटना की रात थाने में तैनात रहे स्टाफ के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। मामले में चार्जशीट समय से दाखिल कर दी जाएगी। आरोपियों के खिलाफ इतने साक्ष्य हैं कि चार्जशीट के लिए फॉरेंसिक और डीएनए रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना होगा।
-यशवीर सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच (विवेचक)